5वीं के छात्र ने पेंसिल की नोंक से दोस्त के प्राइवेट पार्ट पर किया हमला

 
5वीं के छात्र ने पेंसिल की नोंक से दोस्त के प्राइवेट पार्ट पर किया हमलास्कूलों में पढऩे वाले ग्रामीण इलाकों के बच्चों की सुरक्षा के प्रति लगातार लापरवाही बरती जा रही है। इस संबंध में पालकों द्वारा कई बार विभागीय अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक से शिकायत की गयी है, परंतु उच्च स्तरीय मामला होने की वजह से इन शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

बलौदाबाजार के आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल रावन में 26 अक्टूबर को ग्राम सुहेला निवासी मिथिलेश वर्मा के कक्षा पांचवी में अध्ययनरत पुत्र रोशन वर्मा को शरारतवश क्लास के ही एक दूसरे बच्चे ने बैठते समय नुकीली पेंसिल चुभोकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

घायल बालक रोशन वर्मा अब तक पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो पाया है। रोशन के पिता ने मामले की प्राचार्य से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक लिखित रूप से आवेदन देकर शिकायत की है, बावजूद इसके पालकों को अब तक न्याय नहीं मिल सका है।

डीईओ बलौदा बाजार को सौंपे लिखित शिकायत में घटना का उल्लेख करते हुए ग्राम सुहेला निवासी मिथिलेश पिता निरंजन वर्मा ने बताया कि उसका पुत्र रोशन वर्मा आदित्य बिड़ला स्कूल रावन तहसील सिमगा जिला बलौदा बाजार-भाटापारा में कक्षा पांचवी में अध्ययनरत है।

26 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे पुत्र रोशन वर्मा अपनी क्लास में जैसे ही अपने स्थान पर बैठ रहा था ठीक उसी समय क्लास के ही एक दूसरे बालक रोयन फ्रंशेस पिता आलान फ्रंशेस द्वारा नुकीली पेंसिल को पकडक़र बैठ गया। पेंसिल की ओर ध्यान ना देकर जैसे ही रोशन अपने स्थान पर बैठा वैसे ही नुकीली पेंसिल बालक रोशन की पैंट, अंडर गारमेंट को छेद करते हुए सीधे प्रायवेट पार्ट के पास घुस गयी, जिससे बालक रोशन लहुलुहान हो गया।

रोशन द्वारा घटना के बाद इस बात की जानकारी देने के बावजूद क्लास के शिक्षक, खेल शिक्षक व अन्य शिक्षकों द्वारा मामले को अनदेखा किया गया तथा पालकों को भी इसकी जानकारी नहीं दी गयी।पूरे कक्षा के समय बालक रोशन दर्द से कराहता हुआ छुट्टी के बाद जब वापस घर लौटा तो उसने इसकी जानकारी पालकों को दी। 29 तारीख को रोशन के माता-पिता ने उसे रायपुर मेकाहारा के शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाया तो सोनोग्राफी पश्चात चिकित्सक ने प्राथमिक चिकित्सा में विलंब होने की वजह से इंफेक्शन फैलने की बात कही। चिकित्सकों द्वारा रोशन को पूरी तरह से स्वस्थ होने में तीन से चार माह का समय लगने की बात कही गयी। रोशन के पिता मिथिलेश वर्मा ने बताया कि सम्पूर्ण मामले तथा चिकित्सकों द्वारा बताई गयी बात को उन्होंने शाला के प्राचार्य को बताई है।

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