पाकिस्तान से लाई गई गीता पर अब दरभंगा के परिवार का दावा

 
पाकिस्तान से लाई गई गीता पर अब दरभंगा के परिवार का दावापाकिस्तान से वर्ष 2015 में भारत लाई गई मूक-बधिर गीता पर बिहार के दरभंगा जिला के एक परिवार ने अपनी बेटी होने का दावा किया है। इस परिवार ने गीता को अपनी बिछड़ी हुई बेटी गुड्डी बताया है।  यह परिवार दरभंगा जिला के हायाघाट प्रखंड के हवासा गांव का है। इस दंपति ने अपनी मूक बधिर बेटी गुड्डी के लापता होने का सबूत भी पेश किया है। गीता को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारत लेकर आईं थी।

गीता फिलहाल मध्य प्रदेश के इंदौर में एक एनजीओ के संरक्षण में रह रही है। सामाजिक न्याय और नि:शक्त कल्याण विभाग की देखरेख में वह रह रही है। इससे पहले राजस्थान के चुरू जिले के भी एक परिवार ने गीता को अपनी बेटी बताया था।

इंदौर की एनजीओ की तरफ से हायाघाट के प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात कराने की कोशिश की गई। बीडीओ ने मूक बधिर इंटरप्रेटर की मदद से हवासा गांव दिखाते हुए कुछ याद कराने की कोशिश कराई।

वीडियो कॉलिंग के जरिए ऐसा लग रहा था जैसे गीता गांव के कुछ जगहों को पहचान रही है। बीडीओ ने कहा कि वह आशा करते हैं कि जब गीता गांव विजिट करेगी, तो और चीजें पहचान जाएगी। हालांकि वीडियो कॉलिंग के दौरान गीता हवासा गांव की शोभा देवी को अपनी मां के रूप में नहीं पहचान पाई।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार बीडीओ ने कहा कि गीता के अनुसार, उसके गांव के पास से होकर रेलवे ट्रैक गुजरती है। पास में एक मंदिर स्थित है। बीडीओ ने कहा कि रेलवे ट्रैक और मंदिर हवासा गांव के पास में ही स्थित है। बीडीओ ने दरभंगा के डीएम को इंदौर एनजीओ से संपर्क कर परिवार से मिलाने का आग्रह किया है।

बीडीओ ने डीएम से परिवार के दावे के बारे में बात की। बताया कि गीता हवासा गांव के परिवार की बेटी है, जो कि एक दशक पहले हरियाणा में खो गई थी। तब परिवार हरियाणा में मजदूरी करता था।

हवासा गांव की शीत मांझी की पत्नी शोभा देवी ने डीएम कार्यालय में आवेदन दिया है। आवेदन के अनुसार, गीता, जोकि उनकी बेटी गुड्डी है, 12 साल पहले हरियाणा के गुड़गांव में खो गई थी। उस समय गुड्डी 8-10 साल की थी। बेटी को ढूंढने को इस परिवार ने कई प्रयास किये, लेकिन असफल रहे।

अब गीता और दावा करने वाले परिवार का डीएनए टेस्ट ही इस मामले की सच्चाई पता चल सकती है। बीडीओ राकेश कुमार ने कहा कि मंत्रालय से अप्रुवल मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया हो सकती है। इधर, शीत मांझी के पड़ोसियों ने भी फोटो और वीडियो देखकर दंपति के दावे का समर्थन किया है।

स्थानीय विधायक अमरनाथ गामी ने परिवार से मुलाकात की है और हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। गामी ने कहा कि वह परिवार के इंदौर जाने की व्यवस्था कराएंगे। साथ ही इंदौर एनजीओ प्रबंधन को पत्र भी लिखेंगे। मीटिंग के बाद कंफ्यूजन दूर हो पाएगा। जरुरत पड़ी तो डीएनए टेस्ट भी कराएंगे। 

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