दीन दयाल उपाध्याय ने चुनाव जीतने के लिए हथकंडे नहीं अपनाये: शाह

 
दीन दयाल उपाध्याय ने चुनाव जीतने के लिए हथकंडे नहीं अपनाये: शाहभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय को सोमवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव जीतने के लिए कभी हथकंडे नहीं अपनाये।
शाह ने यहां पार्टी की ओर से स्वर्गीय उपाध्याय के सम्मान में आयोजित 'समर्पण दिवस' समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा, "दिवंगत नेता ने ऐसी पार्टी की कल्पना की थी जो चुनावों के लिए ओछे कथकंडे नहीं अपनाये बल्कि विचारधारा की स्वीकृति और संगठन की शक्ति के आधार पर चुनाव जीते।" दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को हुआ था तथा 11 फरवरी 1968 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी।
उन्होंने कहा कि 'पंडित जी' ने एक ऐसी पार्टी की कल्पना की जहाँ पार्टी के चलने का आधार नेताओं का आभामंडल नहीं बल्कि पार्टी के कार्यकर्ता और संगठन हों। उन्होंने जो बीज बोया था, वह आज वट वृक्ष के रूप में दुनिया के सामने खड़ा है। पंडित दीनदयाल जी के समय संगठन का न सिर्फ सुदृढ़ीकरण, विस्तार, सिद्धांतों का प्रतिपादन और विचारधारा की व्याख्या हुई बल्कि अच्छी चुनावी सफलता भी मिली। स्वयं को प्रसिद्धि के मार्ग से दूर रखकर संगठन के माध्यम से चुनाव जिताने का उन्होंने जो मंत्र दिया, वह आज भी हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरक है।
भाजपा अध्यक्ष ने 'नमो ऐप' के माध्यम से पार्टी संगठन को अपना डोनेशन देते हुए पार्टी सभी कार्यकर्ताओं से इसके माध्यम से संगठन को पांच रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक डोनेशन देने की अपील की। उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन पंडित जी की मुगलसराय स्टेशन पर हत्या कर दी गयी थी।

From around the web