8 साल पहले हादसे में गंवाया था पैर, अब विश्व चैंपियन बनकर रचा इतिहास

 
8 साल पहले हादसे में गंवाया था पैर, अब विश्व चैंपियन बनकर रचा इतिहास
नई दिल्ली।  पीवी सिंधु के विश्व विजेता बनने के साथ ही मानसी जोशी ने भी भारतीय पैरा बैडमिंटन में अपना नाम स्वणार्क्षरों में दर्ज करा लिया है।

मानसी जोशी ने बासेल में विश्व पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप के महिला एकल एसएल-3 के फाइनल मुकाबले में हमवतन पारुल परमार को 21-12, 21-7 से हराकर यह खिताब अपने नाम किया। मानसी ने 2011 में एक हादसे में अपना बायां पैर गंवा दिया था। उसके आठ वर्ष बाद फाइनल में उन्होंने तीन बार की विश्व विजेता परमार को पराजित किया।

मानसी पुलेला गोपीचंद अकादमी में ट्रेनिंग करती हैं। भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल 14 पदक जीते, जिसमें तीन गोल्ड और तीन सिल्वर पदक शामिल हैं। भारतीय पैरालंपिक समिति ने मानसी जोशी को इस जीत के लिए बधाई दी है। वहीं प्रमोद भगत और मनोज सरकार ने पुरुष युगल एसएल 3-4 वर्ग के फाइनल में भारत के ही नितेश कुमार और तरुण ढिल्लों को 14-21, 21-15, 21-16 से हराकर गोल्ड मैडल जीता। इस चैम्पियनशिप में भगत का यह दूसरा गोल्ड मैडल है। इससे पहले उन्होंने पुरुष युगल एसएल 3-4 का खिताब भी जीता था।

रविवार को प्रमोद भगत ने पुरुष सिंगल एसएल 3 के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाड़ी डेनियल बैथल को 6-21, 21-14, 21-5 से हराकर गोल्ड मैडल जीता जबकि तरुण कोना को पुरुष सिंगल एसएल 4 के फाइनल में फ्रांस के लुकास मजूर से पराजय का सामना करना पड़ा।  

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