प्रेग्नेंट महिला का अल्ट्रासाउंड बताएगा कि बच्चे का स्वभाव चंचल होगा या शांत

 
प्रेग्नेंट महिला का अल्ट्रासाउंड बताएगा कि बच्चे का स्वभाव चंचल होगा या शांत
गोरखपुर। पौराणिक पुस्तक महाभारत में लिखा गया है कि अभिमन्यु मां के गर्भ से बातें सुन लेता था। इस दावे को अब विज्ञान भी धीरे-धीरे मानने लगा है। हाल में हुए रिसर्च में साबित हुआ है कि मां के गर्भ में जांच से पता चल सकता है कि शिशु को आगे कौन सी बीमारी होगी।

इतना ही नहीं, उसके व्यवहार का भी आभास हो सकेगा। यह जानकारी उड़ीसा के कटक मेडिकल कालेज के डॉ. पीसी महापात्रा ने दी। वह 'सुरक्षित मातृत्व' विषय पर तीन दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार में अंतिम दिन अपनी बात रख रहे थे।

दक्षिण एशिया फाग्सी सेमिनार का आयोजन गोरखपुर ऑब्स एंड गायनी सोसायटी ने किया है। यह सेमिनार शहर के होटल रेडिसन ब्लू में चल रहा है।


इस मौके पर डॉ. महापात्रा ने बताया कि व्यस्क होने पर डायबिटीज, अस्थमा, हेपेटाइटिस, किडनी और दिल की बीमारी का पता मां के गर्भ में चल सकता है। इस पर अमेरिका और ब्रिटेन में रिसर्च पूरा हो चुका है। अब तो मां के गर्भ से ही भविष्य में बच्चों के व्यवहार का पता सकता है।

बच्चा चंचल होगा, शांत होगा या फिर झगड़ालू, इसकी जानकारी सिर्फ अल्ट्रासाउंड से हो सकती है। गर्भावस्था के सातवें महीने में शिशु तेज आवाज पर रिएक्ट भी करने लगता है। उसकी जांच से मां की सेहत का भी पता चल सकता है। 

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