दिल्ली जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनें डायवर्ट

 
दिल्ली जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनें डायवर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर एक मीटर उपर पहुंच चुका है. इसके चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है. बताया जा रहा है कि जलस्तर शाम तक 207.08 मीटर तक पंहुच जाएगा. यमुना में उफान आने से आसपास की सभी झुग्गी बस्तियां डूब चुकी हैं. इतना ही नहीं यमुना पर बने रेल-रोड ब्रिज (लोहा पुल) को भी बंद कर दिया गया है. ऐसे में पुल से होने वाले परिचालन को रोक दिया गया है. ऐसे में दिल्ली आने-जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनों के रूट को डायवर्ट कर दिया गया है.
बाढ़ के खतरे को देखते हुए हरिद्वार-अहमदाबाद योग एक्सप्रेस, बरेली-दिल्ली एक्सप्रेस, कोटद्वार-दिल्ली गढ़वाल एक्सप्रेस, गाजियाबाद-नई दिल्ली ईएमयू, अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस, भिवाणी-कानपुर कालिंदी एक्सप्रेस, जैसलमेर-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस, दिल्ली-शाहजहांपुर पैसेंजर, दिल्ली-डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र मेल और दिल्ली-मालदा टाउन फरक्का एक्सप्रेस का रूट डायवर्ट किया गया है. बता दें कि इस पुल के जरिये ट्रेनें पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाती हैं.
ट्रेनों पर रोक लगाने के साथ ही प्रशासन ने लोहा पुल के निचले हिस्से को भी बंद कर दिया है. इस हिस्से से बड़ी संख्या में मोटर वाहन गुजरते हैं. तीन दिनों से बंद इस हिस्से को अगले आदेश के बाद ही खोला जाएगा.
गौरतलब है कि लोहा पुल के आसपास यमुना के निचले इलाके में किसान बस्ती की सभी झुग्गियां लगभग डूब चुकी हैं. ये लोग अस्थाई कैंपो में रह रहे हैं. ये कैम्प इन्होंने खुद ही बनाये हैं. हालांकि किसान बस्ती में रह रहे लोगों को सरकार की तरफ से नाश्ता दिया जा रहा है. लोगों की शिकायत है कि वे तीन से चार दिन से इन कैंपों में रह रहे हैं लेकिन सरकार की तरफ से आज ही नाश्ता आना शुरू हुआ है.

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