दिहाड़ी मज़दूरों के बच्चों को मुफ्त में पढ़ाती है 'अंकिता'

 
दिहाड़ी मज़दूरों के बच्चों को मुफ्त में पढ़ाती है 'अंकिता'
जैसे बगीया में खिले फूल उसकी खूबसूरत उसकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं, वैसे ही समाज को खूबसूरत बनाने में बच्चों की भूमिका होती है। ये बच्चे हमारे देश-समाज का भविष्य हैं और इन्हीं से आगे चलकर देश को अच्छे नागरिक मिलेंगे। बहुत से बच्चे अभावों में पल रहे हैं। इन बच्चों को लेकर शहर की अंकिता जैन में एक अलग सा लगाव है।

उनकी संवेदना इनके प्रति जागी और उन्होंने गरीब परिवारों के बच्चों को मुफ्त में बुनियादी शिक्षा देने का बीड़ा उठाया। उनका मानना है कि ‘ऐसे बच्चों का सुनहरा भविष्य बचपन में ही रचा जा सकता है। यदि उन्हें सही तालिम दी जाए तो उन्हें ऊंचाइयों को छूने से कोई नहीं रोक सकता।

छोटी बस्तियों में रहने वाले बच्चों में भी बहुत से हुनर होते हैं, बस उन्हें एक सही दिशा की जरूरत है।’ इसी मकसद के साथ अंकिता ने जुलाई 2017 से पचपेढ़ी नाका की आदर्श बस्ती के 60 बच्चों को नियमित पढ़ा रही हैं।

अंकिता ने बताया कि मैंने बड़े बच्चों का चुनाव नहीं किया है। केवल उन बच्चों को शिक्षा दे रही हूं तो प्राथमिक स्कूल में है। मेरा केवल एक ही लक्ष्य है कि जीतने भी छोटे बच्चे हैं, उनकी पहली सिढ़ी प्राथमिक स्कूल की शिक्षा मजबूत हो। छोटी बस्तियों के बच्चों में गणित, अंग्रेजी के विषयों में सर्वाधिक कठिनाई होती है।

इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर हर रविवार को उन्हें इन विषयों को अलग से पढ़ाती हूं। स्कूल से मिलने वाली पाठ्य सामग्री के अलावा जो भी किताबों की आवश्यकता होती है। उसे समय-समय पर बच्चों को वितरित किया जाता है, ताकि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार का दिक्कत न हो।

बच्चों में समान्य ज्ञान मजबूत करने के लिए गांधी जयंती, 15 अगस्त, 26 जनवरी को उत्सव की तरह मनाया जाता है। सभी बच्चों को इन दिनों की विशेषताओं से रू-ब-रू कराया जाता है। साथ ही इन दिनों का हमारे जीवन में क्या महत्तव है। उसे भी बच्चों को समझाया जाता है।

इसके अलावा सभी बच्चों के जन्मदिवस की सूची तैयार कि गई है। इसमें सभी बच्चों की उत्सुकता को ध्यान में रखकर केक व अन्य सामग्री का वितरण किया जाता है। आज ये सभी बच्चे अंग्रेजी में अपना परिचय देते हैं।

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