बकरीद पर क़ुरबानी के बाद जानवर की खाल दफना दीजिये: हाफिज मुहम्मद अरशद रज़वी

 
बकरीद पर क़ुरबानी के बाद जानवर की खाल दफना दीजिये: हाफिज मुहम्मद अरशद रज़वी
अज़हर उमरी, फ़िरोज़ाबाद।   ईदुलजुहा बकरीद पर जानवर की खाल (चमड़ा)  काट कर दफना देने के सवाल पर हाफिज मुहम्मद अरशद रज़वी ने कहा कि मुल्क के तमाम उलमा की मश्वरा है कि चमड़ा खरीदार ने मदरसों और गरीबों को नुकसान पहुँचाने के मकसद से जान बूझकर खालो की कीमत गिराकर 25 रुपये कर दी है।

जिसकी वजह से मदरसों और गरीबों को साल भर में जो फायदा होता था वो बंद हो गया है। इसलिये इस साल हम सब मिलकर खालो को काट कर दफन कर दे। जिससे खरीदार और बाजार में किल्लत व कमी आ जायेगी। और सरकार की अक्ल ठिकाने लग जायेगी।

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