जातिवाद भारत देश के लिए एक कलंक: लक्ष्य

 
जातिवाद भारत देश के लिए एक कलंक: लक्ष्यलखनऊ। लक्ष्य की महिला टीम द्वारा " बहुजन जनजागरण"  अभियान के तहत एक "भीम चर्चा" का आयोजन लखनऊ के  टेढ़ी पुलिया चौराहा में  मंजू सिंह जी के कार्यालय पर किया गया।

जातिवाद भारत देश के लिए एक कलंक है जो जातीय ऊंचनीच, भेदभाव, दरिद्रता, छुआछूत, असमानता से  भरा हुआ है और जहाँ देश के बहुसंख्यक लोगों का शोषण व उत्पीड़न होता है  और वे जीवन व्यापन के न्यूनतम संसाधनों से भी वंचित रहते हैं  |  ऐसी  व्यवस्था में मुट्ठीभर लोग बिना कुछ परिश्रम के देश के  ज्यादातर संसाधनों पर कब्ज़ा किए रखते हैं | ऐसी व्यवस्था किसी भी देश व् समाज के विकास में बड़ा रोड़ा है | यह जातिवाद एक आतंकवाद का दूसरा रूप है यह बात लक्ष्य कमांडरों ने अपनी भीम चर्चा के दौरान कही |

उन्होंने कहा कि जातिवाद के इस आंतकवाद पर भी देश के बुद्धिजीवियों को चर्चा करनी चाहिए और इसके खात्मे के लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए ताकि देश के माथे से यह कलंक मिट सके और देश मानवता के मूल्यों पर स्थापित हो सके |

इस भीम चर्चा में लक्ष्य कमांडर सुषमा बाबू, लाजो कौशल, राज कुमारी कौशल, संघमित्रा गौतम, रेखा आर्या, मंजू सिंह, मिथलेश केन, सुधा राज, मिराजा कुमारी, सुनीता भारती, शारदा, प्रतिभा  श्याम, कमला, मंजू सिंह  व्  सुनीला ने हिस्सा लिया |

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