मुख्यमंत्री का पुतला दहन आचार संहिता का उल्लंघन : कांग्रेस

 
मुख्यमंत्री का पुतला दहन आचार संहिता का उल्लंघन : कांग्रेस
दुर्ग। भाजयुमो द्वारा मुख्यमंत्री के पुतला दहन पर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कांग्रेस प्रवक्ता नासिर खोखर ने जिला निर्वाचन अधिकारी से की। नासिर खोखर ने कहा कि अभी लोकसभा चुनाव की मतगणना भी नहीं हुई है आचार संहिता अभी भी लागू है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला दहन करना आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। इस पर कार्यवाही की जाए।

प्रवक्ता नासिर खोखर ने कहा कि प्रदेश में पीईटी की परीक्षा स्थगित करना मुख्यमंत्री का छात्रों  के भविष्य के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। हजारों छात्र जिनका प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं हो पाया था वो परीक्षा देने से वंचित हो जाते। अब वो परीक्षा आगामी तिथि में होगी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दोषी आठ अधिकारियों पर कार्यवाही के निर्देश भी दे दिए है। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस सरकार के खिलाफ  कोई मुद्दा नहीं मिल रहा तो बेवजह पुतला दहन कर विरोध कर रही है। भाजयुमो कहां थी जब रमन सिंह के कार्यकाल में पीएससी की परीक्षा देकर चयनित छात्रों के चयन को निरस्त कर दी थी।

भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ी और भाजपा सरकार यहां के बेरोजगरों को छोड़ आउट सोर्सिंग से बाहरी राज्यों के लोगो को नौकरियां रेवड़ी की तरह बांट रही थी। केंद्र सरकार और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच साल केवल युवाओ को छला है, हर वर्ष 2 करोड़ युवा को रोजगार तो नहीं दिया बल्कि उद्योगों को बेचकर व बंद कर कई लोगो को बेरोजगार कर दिया और उन्हें पकोड़ा बेचने की सलाह दे रहे है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार शपथ लेने के बाद से 5 महीनों में लगातार अपने वादों को पूरा कर किसानों, छात्र, व्यापारी, आम जनता के हित के कार्य कर रही है। पूर्व की भाजपा सरकार में केवल भ्रष्टाचार का कार्य हुआ है। भाजपा पहले इन आरोपों का जवाब दे फिर कांग्रेस के जनहित के कार्यों का विरोध करे।

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