हमारे सवालों के जवाब नहीं दे पाए कांग्रेसी नेता: AAP

 
हमारे सवालों के जवाब नहीं दे पाए कांग्रेसी नेता: AAP
नई दिल्ली। बिजली के दामों में बढ़ोतरी की शिकायत लेकर बुधवार को दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने सीएम से मुलाकात की थी। इस दौरान बिजली के दामों पर कुछ आंकड़े पेश किए, जिस पर आम आदमी पार्टी नेताओं ने पूछा इन आंकड़ों का आधार क्या है? लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेताओं से कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले मुख्यमंत्री ने बिजली को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया था।

तब, 10 लाख लोगों का पत्र लेकर वह तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे थे। लेकिन, तत्कालीन मुख्यमंत्री उनसे नहीं मिलीं। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूछा कि जो आंकड़े पेश किए जा रहे हैं, उन आंकड़ों का आधार क्या है, तो कांग्रेस नेताओं के पास इसका कोई जवाब नहीं था।

उन आंकड़ों के बाद बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में बिजली की स्थिति का आंकड़ा पेश किया, जिसमें उन्होंने बताया कि साल 2010 में शीला दीक्षित सरकार के समय एक किलोवाट पर 50 यूनिट का बिजली बिल करीब 153 रुपये था। 2013 में यह 264 रुपये हो गया।

शीला दीक्षित सरकार के समय बिजली दरों में करीब 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अब आप सरकार के कार्यकाल में एक किलोवाट लोड पर 50 यूनिट खपत पर बिल 128 रुपये है। आम आदमी पार्टी सरकार ने बिजली दरों में कमी की है।

जैन ने कहा कि दिल्ली जिन राज्यों से बिजली खरीदती है, उन्हीं राज्यों में बिजली महंगी है। जबकि होना यह चाहिए कि उन राज्यों में बिजली की दरें कम होनी चाहिए। दिल्ली मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों से बिजली खरीदती है। 

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