सतत संघर्ष ही लक्ष्य की प्राप्ति का मार्ग है : लक्ष्य

 
सतत संघर्ष ही लक्ष्य की प्राप्ति का मार्ग है : लक्ष्यलक्ष्य की टीम ने लक्ष्य कमांडर व् प्रांतीय प्रभारी विजय राव के नेतृत्व में  "बहुजन जागरूकता"  अभियान के तहत एक भीम चर्चा का आयोजन उत्तराखंड में स्थित शक्तिफार्म में किया और जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में  इंग्लैंड से आई थिया रौलिंग रही | सतत संघर्ष  ही लक्ष्य की प्राप्ति का मार्ग है यह बात लक्ष्य कमांडरों ने बहुजन समाज के लोगो को सन्देश के रूप में कही |

जागरूक लोग ही संघर्ष के मार्ग को अपना सकते है क्योकि जो लोग जागरूक नहीं है उन लोगो को अपने अधिकारों के बारे में ज्ञान नहीं होता है और अगर उनके अधिकारों का हनन भी होता है तो जागरकता के आभाव में उनको वह महसूस  भी नहीं होता और जब  वे महसूस नहीं कर पाते है तो अपने अधिकारों के प्रति चिंतित भी नहीं होते है और परिणाम स्वरूप वे अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष नहीं कर पाते है और जिस समाज के लोग संघर्ष का मार्ग नहीं अपना पाते है वो दुसरो के रहमो  पर जीवित  रहते है यह बात लक्ष्य कमांडरों ने अपनी चर्चा में कही |

इंग्लैंड से आई थिया रौलिंग ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि इंग्लैंड में भी लक्ष्य की टीम गठित हो गई  है  और वे सभी बहुजन समाज के लोगो के अधिकारों के लिए चिंतित और वे  भारत देश में लक्ष्य की महिला  टीम द्वारा किये जा रहे सामाजिक कार्यो की बहुत प्रशंसा करते है | उन्होंने लक्ष्य के उत्तराखंड प्रभारी विजय राव जी के प्रयासों की भी भूरी भूरी प्रशंसा की |

लक्ष्य के उत्तराखंड प्रभारी विजय राव जी ने  श्री नरेश कुमार विश्वास जी, श्री गोकुल विश्वास जी, मिस शर्मिला हाल्दर जी (पीलीभीत, उत्तर प्रदेश), मिस पूजा ढाली और श्री प्रशांत टिकेदार जी को लक्ष्य कमांडर मनोनीत किया गया। इन सभी कमांडरों ने लक्ष्य को उत्तराखंड में और मजबूत करने की बात कही|

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