एसिड अटैक मामले में होनी थी फांसी की सजा, हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदला

 
एसिड अटैक मामले में होनी थी फांसी की सजा, हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदला
मुंबई। प्रीति राठी एसिड अटैक मामले में दोषी अंकुर पंवार की फांसी की सजा को बॉम्बे हाईकोर्ट ने उम्र कैद में बदल दिया है। तेजाब हमले में गंभीर रूप से जख्मी प्रीति की मौत हो गई थी।

मामले की सुनवाई विशेष महिला अदालत में हुई। सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने अंकुर को फांसी की सजा सुनाई थी।

मामले के अनुसार अंकुर ने शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे प्रीति ने ठुकरा दिया था। इससे नाराज पंवार ने बांद्रा टर्मिनस पर प्रीति के ऊपर तेजाब फेंक दिया था। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ पंवार ने हाईकोर्ट में अपील की थी।


पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार प्रीति राठी एसिड अटैक मामला छह साल पुराना (मई, 2013) है। दिल्ली के नरेला इलाके की रहने वाली प्रीति भारतीय नौ सेना में नर्स की नौकरी ज्वाइन करने के लिए अपने पिता, चाचा-चाची के साथ पहली बार मुंबई आई थी। अंकुर भी उसका पीछा करते हुए मुंबई पहुंचा था।

गरीब रथ एक्सप्रेस से आई प्रीति बांद्रा टर्मिनस पर नीचे उतर रही थी, इसी दौरान नकाबपोश अंकुर ने उस पर तेजाब फेंक दिया था। तेजाब हमले में गंभीर रूप से जख्मी प्रीति की एक जून, 2013 को मौत हो गई थी। अंकुर हरियाणा के रोहतक का रहने वाला है। उस समय वह बी-टेक की पढ़ाई कर रहा था।

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