फडणवीस को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनावी हलफनामा मामले में करना होगा मुकदमे का सामना

 
फडणवीस को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनावी हलफनामा मामले में करना होगा मुकदमे का सामना
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विधानसभा चुनाव 2019 से पहले बड़ा झटका लगा है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनावी हलफनामे में फडणवीस के जानकारी छुपाने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने दो लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी कथित रूप से मुहैया नहीं कराने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त (रद्द) कर दिया और फडणवीस को मामले में सुनवाई का सामना करने का आदेश दिया. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने सतीश यूकी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें कहा गया कि फडणवीस ने अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का कथित खुलासा नहीं किया है.
शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट को मामले की सुनवाई जारी रखने के आदेश दिए हैं. याचिकाकर्ता यूकी का आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने 2014 के विधानसभा चुनाव में अपने ऊपर लंबित दो आपराधिक मुकदमों की जानकारी छुपाई. कोर्ट ने इस मामले में 23 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था कि फडणवीस द्वारा 2014 में चुनाव के समय हलफनामे में दो आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं देने की 'भूल चूकÓ के बारे में निचली अदालत निर्णय ले सकती है.
याचिकाकर्ता की दलील थी कि फडणवीस ने ऐसा कर के जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 125 ए का उल्लंघन किया है. इस संबंध में लोअर कोर्ट और हाईकोर्ट ने कहा था कि फडणवीस के खिलाफ पहली नजर में कोई मामला नहीं बनता है. उके की दलील थी कि प्रत्याशी के लिए सभी आपराधिक मामलों की जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य है.
बता दें कि महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 21 अक्टूबर को मतदान होना है. इसके तीन दिन बाद यानी 24 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी. राज्य में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी बीजेपी-शिवसेना गठबंधन और कांग्रेस-एनसीपी अलायंस के बीच है.

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