केरल में भारी बारिश के बाद चार बांधों के शटर खोले

 
केरल में भारी बारिश के बाद चार बांधों के शटर खोले
केरल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण चार बांधों के कई दरवाजे खोल दिये गये हैं जबकि बारिश जनित घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गयी है तथा आठ अन्य लापता हैं।
राज्य में पिछले चार दिनों से जारी भारी बारिश के कारण कन्नूर, पथनमथिट्टा और कोल्लम जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना है जबकि विभिन्न स्थानों पर आठ लोग लापता हैं। भारी बारिश को देखते हुए पांच जिलों ईडुक्की, मलाप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड और कन्नूर में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों में अगले 12 घंटे के भीतर 204 मिलीमीटर की अतिवृष्टि के आसार व्यक्त किये हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि कल्लारकुट्टी, लोअर पेरियार (पंबला), बुडथनकेट्टू और मलंकरा के बांध में जल के स्तर में खतरनाक वृद्धि के बाद इनके सभी दरवाजे खोल दिए गए। कल्लारकुट्टी बांध का एक दरवाजा 10 सेंटीमीटर की उंचाई तक उठाया गया जिससे प्रति सेकंड 10 क्यूसेक पानी का बहाव हो रहा है।
इसी प्रकार पंबला बांध का एक शटर 15 सेंमी की उंचाई तक खोला गया है जिससे प्रति सेकेंड 15 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बुडथनकेट्टू बांध के नौ शटर और मलंकरा बांध के दो दरवाजे खोले गये हैं। मलंकरा बांध के शटर को 30 सेंटीमीटर की ऊंचाई तक खोला गया है।
बांधों के शटर खोलने के बाद पेरियार और मुवाट्टुपुझा नदियों के किनारे रह रहे लोगों के लिए चेतावनी जारी की गयी है। इडुक्की बांध में जल का स्तर 2304.4 फीट तक जा पहुंचा है जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में बांध में जल का स्तर 2380.42 फीट था।
कन्याकुमारी के रहने वाले तीन मछुआरे कोल्लम के नीन्दकारा से लापता हो गए हैं जहाँ से वे शुक्रवार सुबह मछली पकडऩे गए थे। गुरुवार को मछली पकडऩे के लिए समुद्र में उतरने के बाद चार अन्य मछुआरे विझिन्जम से लापता हो गए हैं। लापता लोगों का पता लगाने के लिए नौसेना को सेवा में लगाया गया है। कोट्टायम जिले के किदंगुर से भी एक व्यक्ति लापता है जो मीनाचिल नदी से पेड़ के तने एकत्र करने की कोशिश कर रहा था।
पठानमथिट्टा जिले में अलर्ट जारी किया गया है जहां लगातार बारिश के कारण सात तालुकों में नियंत्रण कक्ष खोले गए हैं। बारिश के कारण पम्बा, मीनाचिल और मणिमाला सहित कई नदियों में जल स्तर बढ़ रहा है।
कोट्टायम जिले में अगले तीन दिनों तक सभी प्रकार के खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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