जिस्मफरोशी के लिए हो रही है बच्चियों की 'खरीद-फरोख्त'

 
जिस्मफरोशी के लिए हो रही है बच्चियों की 'खरीद-फरोख्त'
एसपी मित्तल 
3 अगस्त को जी टीवी के राजस्थान चैनल पर एक बेहद ही संवेदनशील और समाज को झकझोरने वाली स्टोरी प्रसारित हुई। देश के अन्य शहरों की तरह राजस्थान में भी बड़े पैमाने पर वैश्यावृत्ति के लिए बच्चियों की खरीद फरोख्त हो रही है। दलाल गिरोह के सदस्य बकायदा सौ रुपए के स्टाम्प पर बच्ची का सौदा करते हैं। तय राशि माता-पिता को दी जाती है। पांच-छह साल की बच्चियों को 15 साल तक पाला पोसा जाता है और फिर उन्हें वैश्यावृत्ति के धंधे में जबरन डाल दिया जाता है।

बच्चियां जल्दी जवान नजर आने लगे इसके लिए इंजेक्शन तक लगाए जाते हैं। चैनल पर प्रसारित स्टोरी के अनुसार राजस्थान के बूंदी के रामनगर भीलवाड़ा के ईटूदा, अजमेर के सावर नापाखेड़ा के उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं। चैनल पर एक पीडि़त युवती ने बताया कि किस प्रकार उसका सौदा किया और उसे बारां जिले के छबड़ा में वैश्यावृत्ति के धंधे में धकेल दिया।

इस धंधे में शामिल लोग इतने ताकतवर हैं कि यदि कोई लड़की मौका पाकर पुलिस के पास पहुंच जाती है तो पुलिस वाले उसे वापस गिरोह के सदस्यों को ही सौंप देते हैं। ऐसा मामला भीलवाड़ा के एक थाने का सामने आया है। चैनल पर पीडि़ता ने पूरी दृढ़ता के साथ गिरोह के सदस्यों के बारे में जानकारी दी। इस स्टोरी को तैयार करने में चैनल के कोटा के संवाददाता हिमांशु मित्तल और अजमेर के मनवीर सिंह चूंडावत की सक्रिय मेहनत रही। चैनल का दावा है कि उसके पास सारे दस्तावेज उपलब्ध है जिनसे पता चलता है कि राजस्थान में बड़े पैमाने पर वैश्यावृत्ति के लिए बच्चियों की खरीद फरोख्त हो रही है।

स्टोरी के प्रसारण के बाद पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र यादव, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव महर्षि आदि बड़े अधिकारियों ने मामले की जांच करवाने के आदेश दिए हैं। इसी बीच बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा कि वे पीडि़त बालिका से मुलाकात कर राजस्थान में फैले इस गिरोह का पर्दा फाश करेंगी। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में ऐसी बुराईया बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। अब सरकार बालिकाओं के संरक्षण के लिए अनेक कानून बना रही है, तब वैश्यावृत्ति के लिए बच्चियों की खरीद फरोख्त होना बहुत बुरी बात है।

From around the web