GST घटी: 1 अक्टूबर से घट जायेगा इन सामानों का दाम, ये रही पूरी लिस्ट

 
GST घटी: 1 अक्टूबर से घट जायेगा इन सामानों का दाम, ये रही पूरी लिस्ट
राकेश पाण्डेय
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की 37वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए है।इस बैठक में कई चीजों से टैक्स का बोझ कम किया गया है।

सबसे बड़ी राहत होटल इंडस्ट्री को मिली है. अब 1000 रुपये तक किराए वाले पर टैक्स नहीं लगेगा. वहीं इसके बाद 7500 रुपये तक टैरिफ वाले रूम के किराए पर अब सिर्फ 12 फीसदी जीएसटी देना होगा.

आपको बता दें कि मौजूदा समय में 7500 रुपये तक टैरिफ वाले होटल रूम पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है।

इसी तरह 7500 रुपये से ज्याटा टैरिफ वाले होटल रूम के किराए पर जीएसटी 18 फीसदी कर दिया गया है. जबकि इससे पहले होटल रूम पर 28 फीसदी की दर से टैक्‍स लगता था. जीएसटी की नई दरें 1 अक्टूबर से लागू होंगी।

सस्ते हुए ये व्हीकल
 जीएसटी काउंसिल ने 28 फीसदी के जीएसटी के दायरे में आने वाले 10 से 13 सीटों तक के पेट्रोल-डीजल वाहनों पर सेस को घटा दिया गया है.

1200 सीसी के पेट्रोल वाहनों पर सेस की दर 1 फीसदी और 1,500 सीसी के डीजल वाहनों पर 3 फीसदी कर दिया गया है. दोनों तरह के वाहनों पर सेस की मौजूदा दर 15 फीसदी है. वहीं जीएसटी की दर 28 फीसदी है।

 सूखी इमली हुई सस्ती- GST काउंसिल की बैठक में सूखी इमली पर GST दर जीरो हो गई है. इससे पहले 5 फीसदी GST लगता था.

पैंट की जिप हुई सस्ती- काउंसिल ने स्लाइड फास्टनर्स (जिप) पर जीएसटी को 18 से घटाकर 12 फीसदी कर दिया है.

ये चीजें भी हुई सस्ती
जीएसटी काउंसिल ने समुद्री नौकाओं का ईंधन, ग्राइंडर, हीरा, रूबी, पन्ना या नीलम को छोड़कर अन्य रत्नों पर टैक्‍स की दर घटा दी है.

इन पर कम हुई जीसएटी दरें
इसके साथ ही भारत में नहीं बनने वाले कुछ विशेष किस्म के रक्षा उत्पादों को भी जीएसटी से छूट दी गई है.

ये सामान हुए महंगे
ट्रेन के डिब्बे हुए महंगे- रेल गाड़ी के सवारी डिब्बे और वैगन पर GST की दर को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया है.

कैफीन वाले प्रोडक्ट हुए महंगे- पेय पदार्थों पर जीएसटी की वर्तमान 18 फीसदी की दर की जगह 28 फीसदी की दर से टैक्‍स और 12 फीसदी का अतिरिक्त सेस लगाया गया है।

अन्य फैसले
इसके अलावा बुने/बिना बुने पॉलीएथिलीन थैलियों पर एकसमान 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा।

GST बैठक में जीएसटी के अंतर्गत टैक्‍स देने वाले करदाताओं के रजिस्ट्रेशन को आधार से लिंक करने का भी फैसला किया गया. इसके अलावा रिफंड का दावा करने के लिए 12 डिजिट यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर को अनियवार्य करने पर भी चर्चा हुई।


जीएसटी रिटर्न के प्रॉसेस को आसान करने के लिए अधिकारियों की एक कमिटी गठित की जाएगी. काउंसिल के फैसले के मुताबिक रिटर्न फाइल करने का नया तरीका अप्रैल 2020 से लागू किया जाएगा ताकि लोगों को इसे अपनाने में दिक्कत न हो.

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