हंसिका ने बगैर कोचिंग के 12वीं में 500 में से 499 अंक हासिल किए...

 
हंसिका ने बगैर कोचिंग के 12वीं में 500 में से 499 अंक हासिल किए...
एसपी मित्तल 
2 मई को सीबीएसई ने 12वीं के  नतीजे घोषित कर दिए गए हैं गाजियाबाद के डीपीएस स्कूल की छात्रा हंसिका शुक्ला और मुजफ्फर नगर के सर्वोदय विद्यालय की छात्रा करिश्मा अरोड़ा ने 500 में से 499 अंक हासिल कर पूरे देश में संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है।

हंसिका ने बताया कि उसने किसी भी संस्थान से कोचिंग नहीं की। अपने स्तर पर पढ़ाई कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। लेकिन परीक्षा के दिनों में वह मोबाइल फोन से दूर रही। हंसिका  ने माना कि पढ़ाई में मोबाइल सबसे बड़ी बाधा है। यदि मोबाइल को दूर रख कर पढ़ाई की जाए तो बगैर कोचिंग के भी देश में पहला स्थान हासिल किया जा सकता है।

हंसिका ने पॉलीटिकल साइंस, हिस्ट्री, वॉकल म्यूजिक और साइकोलॉजी में सौ में से सौ अंक अर्जित किए जबकि अंग्रेजी में सौ में से 99 अंक प्राप्त किए। हंसिका को अंग्रेजी में एक नम्बर कटने का अफसोस है। हंसिका का यह भी कहना रहा कि उसे जंक फूड का शौक नहीं है। वह घर पर बना सादा भोजन ही खाती है। हंसिका के जीवन से वे लोग प्रेरणा ले सकते हैं जो स्कूली पढ़ाई के साथ साथ कोचिंग को अनिवार्य मानते हैं।

असल में आज के युवा यदि मोबाइल फोन और जंक फूड से दूर रह कर पढ़ाई करें तो हंसिका की तरह पूरे देश में शोहरत हासिल कर सकते हैं। बच्चों का ज्यादा समय मोबाइल पर बीतता है। हालत इतनी खराब है कि यदि एक वर्ष का बच्चा रोता है तो उसके माता-पिता मोबाइल फोन हाथ में दे देते हैं। मोबाइल हाथ में आते ही बच्चा भी चुप हो जाता है। जब एक वर्ष से ही मोबाइल का इस्तेमाल होने लगा तो फिर युवावस्था में उसे मोबाइल से दूर नहीं रखा जा सकता। मोबाइल के दुष्परिणाम समाज के सामने हैं।
अब 15 फरवरी से ही परीक्षा
2 मई को सीबीएसई ने देश के सभी जोन के नतीजे एक साथ घोषित कर दिए। कोई 13 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। बोर्ड ने मात्र 28 दिन में परिणाम घोषित कर दिया। सीबीएसई ने घोषणा की है कि अब प्रति वर्ष 15 फरवरी से ही परीक्षा शुरू हो जाएंगी। आमतौर पर 15 मई के बाद परिणाम घोषित होता रहा, लेकिन यह पहला अवसर है जब दो मई को ही परिणाम घोषित कर दिया गया।

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