स्वास्थ्य मंत्रालय की लोगों को सलाह- जरूरी हो तभी घरों से बाहर निकलें लोग

 
स्वास्थ्य मंत्रालय की लोगों को सलाह- जरूरी हो तभी घरों से बाहर निकलें लोग
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, विदर्भ, मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गर्म हवा चलने और लू की स्थिति को देखते हुये स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को जब तक जरूरी न हो बाहर न निकलने और खूब पानी पीने की सलाह दी है।

मंत्रालय ने उत्तर तथा पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में पारे में भारी बढ़ोतरी को देखते हुये सोमवार को परामर्श जारी कर कहा कि लोगों को चाहिये कि वे घरों के अन्दर और छायादार स्थानों पर रहें। बाहर निकलने पर छाते, हैट, टोपी या तौलिए का इस्तेमाल करें। उसने पतले, ढीले तथा हल्के रंगों के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है और कहा है कि बार-बार पानी, फलों का रस और नमकीन पेय जैसे लस्सी, शिकंजी तथा ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का सेवन करना चाहिये।

तरबूज, खीरा, नीबू, संतरा आदि जैसे फल खाने की भी उसने सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा कि बार-बार ठंडे पानी से नहाएं और कमरे का तापमान कम रखें। खिड़कियों के पर्दे गिराकर रखें तथा पंखे, कूलर, एयर कंडीशनर आदि का इस्तेमाल करें। पानी का छिड़काव करें और घरों के अंदर लगने वाले पौधों को गमलों में रखें। परामर्श में कहा गया है कि अस्वस्थ महसूस कर रहे लोग - विशेषकर वृद्धों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, पहले से बीमार लोगों और खुले में काम करने वाले कामगारों - को फौरन ठंडे स्थान पर ले जाना चाहिये, हल्के कपड़े पहनाने चाहिये, ठंडे पानी की पट्टियाँ रखनी चाहिये, कपड़े में बर्फ के टुकड़ों वाले आइस पैक का इस्तेमाल करना चाहिये और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिये।

मंत्रालय ने धूप में - विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच - बाहर न जाने की सलाह दी है। उसने कहा है कि दोपहर में बाहर जाने पर ज्यादा मेहनत वाले काम करने, शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय पीने, बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ी में छोडऩे तथा गहरे रंग के, सिंथेटिक और चुस्त कपड़े पहनने से बचना चाहिये।

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