मानव तस्करों ने नौकरी का झांसा देकर महिलाओं को सऊदी अरब में बेचा

 
मानव तस्करों ने नौकरी का झांसा देकर महिलाओं को सऊदी अरब में बेचालखनऊ। पूर्वोत्तर राज्यों की महिलाओं की मुंबई से तस्करी हो रही है। हाल ही में पांच महिलाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर मुंबई ले जाकर सऊदी अरब में बेच दिया गया। यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब त्रिपुरा की एक महिला भटककर चारबाग जीआरपी थाने पहुंची। महिला ने बताया कि त्रिपुरा से कुल आठ महिलाओं को बेचने के लिए मुंबई ले जाया गया था। कृष्णानगर क्षेत्राधिकारी लालप्रताप सिंह ने बताया कि आशा ज्योति केंद्र की काउंसलर ने मामले की जानकारी दी। इस पर पीडि़ता की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर त्रिपुरा की रुमाना, लखनऊ के आसिफ व दो अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश केलिए प्रभारी निरीक्षक को निर्देश दिया गया है।
पांच को तो बेच दिया गया लेकिन सऊदी अरब भेजने के लिए जरूरी चिकित्सकीय परीक्षण नहीं हो सकने की वजह से तीन बच गईं। इन्हीं तीन में से वह एक है। उसे यहां मेडिकल परीक्षण कराने के लिए लाया गया और चौक निवासी एजेंट की मदद से नाका में होटल में रखा गया था। कृष्णानगर थाने में गिरोह के गुर्गों के खिलाफ मानव तस्करी का केस दर्ज किया गया है।
महिला भटककर जीआरपी थाने पहुंची तो उसे आशा ज्योति केंद्र ले जाया गया। केंद्र की  काउंसलर अर्चना सिंह ने उससे पूछताछ की। त्रिपुरा के धर्मानगर निवासी महिला ने बताया कि उसे और सात अन्य महिलाओं को 20 हजार रुपये के वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर त्रिपुरा से मुंबई ले जाया गया। पर, मुंबई में पांच का ही सऊदी अरब भेजने के लिए जरूरी चिकित्सकीय परीक्षण पास कराया जा सका।
इन महिलाओं के परिवारों को कुछ पैसे भेजे गए, फिर एजेंट के जरिये उन्हें सऊदी रवाना कर दिया गया। एक महीने पहले बची तीन बची महिलाओं को हैदराबाद ले जाया गया पर वहां गिरोह मेडिकल सर्टिफिकेट हासिल करने में नाकाम रहा। इसपर तीनों को अलग-अलग एजेंटों का नंबर देकर अलग-अलग शहर में भेजा गया। दस दिन पहले लखनऊ पहुंची महिला के मुताबिक उसे कुछ रुपये और चौक निवासी आसिफ नामक एजेंट का मोबाइल नंबर दिया गया था।
नाका के एक होटल में ठहराया गया
महिला ने बताया कि आसिफ ने ही नाका थानाक्षेत्र के एक होटल में उसकेठहरने का इंतजाम किया था। भाषा की समस्या होने के बारण दोनों के बीच कम ही बातचीत हो रही थी। बृहस्पतिवार रात करीब 10.45 बजे महिला किसी काम से होटल से निकली और रास्ता भटक गई। इसी बीच महिला के परिवारीजनों का कॉल आ गया।
परिवारीजनों से बातचीत के दौरान उसने रास्ता भटकने की बात कही। इस पर पुलिस से संपर्क करने को कहा। महिला सीधे चारबाग रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाने गई। पुलिस को उसकी भाषा समझ में नहीं आई तो महिला कांस्टेबल के साथ उसे रात में आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया।
दो दिन की काउंसलिंग, कैंटीन संचालक ने निभाया दुभाषिए की भूमिका
त्रिपुरा की महिला बांग्ला में बातचीत कर रही थी। इसके कारण काफी दिक्कतें हो रही थीं। इसी बीच काउंसलर और पीडि़ता की बातचीत कैंटीन संचालक सुन रहा था। उसने बांग्ला भाषा में पीडि़ता से बातचीत शुरू की तब पूरा मामला सामने आया। इस पर महिला के परिवारीजनों से बातचीत की गई। उनको लखनऊ पहुंचने को कहा गया। रविवार देर शाम को महिला के परिवारीजन लखनऊ पहुंचे। उनका भी बयान दर्ज कराया गया।
महिला है तस्कर गिरोह की सरगना
पीडि़ता के भाई ने बताया कि गिरोह की सरगना त्रिपुरा की ही रुमाना है। चार अप्रैल को बहन से बातचीत हुई तो उसके लखनऊ में होने की जानकारी मिली। इसकी जानकारी होने पर गिरोह की सरगना की करीबी एक अन्य महिला ने उसे लखनऊ नहीं आने के लिए धमकाया।
लखनऊ में भी एजेंट
त्रिपुरा की महिलाओं की तस्करी के लिए मुंबई को केंद्र बनाया गया है।  महिला ने बताया कि पूरे देश में इस गिरोह केएजेंट फैले हैं। लखनऊ भी इससे अछूता नहीं है। रुमाना ने ही आसिफ का मोबाइल नंबर पर्ची पर लिखकर दिया था। आशा ज्योति केंद्र की काउंसलर अर्चना सिंह केमुताबिक रुमाना ने आसिफ से भले ही महिला को होटल दिलवाया लेकिन उसकी निगरानी के लिए अपने पति को लगा रखा था।
महिला से मिली जानकारी के बाद आरोपी रुमाना को आशा ज्योति केंद्र बुलाया गया। पर, रुमाना ने खुद को महिला का रिश्तेदार बताया। वह सोमवार को लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां से उसने केंद्र को सूचना दिया कि वह रास्ता नहीं जानती है। इस पर केंद्र के कर्मचारी उसे लेने चारबाग पहुंचे। उससे पूछताछ की गई तो वह कई सवालों का जवाब नहीं दे सकी। टीम ने उसके पर्स की तलाशी ली तो उसमें ब्लेड, मुंबई का टिकट, सऊदी अरब की करेंसी बदलने की रसीद, एक चिप मिला। टीम ने आरोपी महिला को भी केंद्र में निगरानी में रखा है।
डीजीपी को भेजा गया मेल, पुलिस कर रही जांच
 अर्चना सिंह केमुताबिक महिला से मिली जानकारी पर रिपोर्ट तैयार कर पुलिस अफसरों को भेजा। साथ ही डीजीपी ओपी सिंह को मेल किया। देर शाम वह पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कृष्णानगर थाने पहुंची। जहां पीडि़ता के परिवारीजनों की तरफ से तहरीर दिलाया। वहीं आशा  ज्योति केंद्र की पड़ताल की रिपोर्ट की प्रति भी प्रभारी निरीक्षक को सुपुर्द किया।
-सांकेतिक तस्वीर 

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