देश की खातिर कुर्बानी की जरूरत हुई तो मुसलमान सबसे आगे होगा: आबेदीन

 
देश की खातिर कुर्बानी की जरूरत हुई तो मुसलमान सबसे आगे होगा: आबेदीन
एसपी मित्तल 
14 अगस्त को अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के बाहर देशभक्ति का जज्बा देखने को मिला। पाकिस्तानी यदि यह समझता है कि कश्मीर के मुद्दे पर भारत पर हमला करने पर मुसलमानों का समर्थन मिल जाएगा तो उसे अजमेर आकर ख्वाजा साहब की दरगाह का माहौल देखना चाहिए।

14 अगस्त को जहां मुस्लिम प्रतिनिधियों ने देश की खातिर कुर्बानी देने का संकल्प लिया तो वहीं दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन ने देश के सबसे बड़े माने जाने वाले न्यूज चैनल आर भारत को जोशीला इंटरव्यू दिया। आबेदीन ने कहा कि अनुच्छेद 370 में बदलाव होने से कश्मीर के लोगों का फायदा ही होगा। अब तक जो सुविधाएं और अधिकार कश्मीरियों को नहीं मिल रहे थे, वो सब अब मिलने लगेंगे।

कश्मीरियों ने गत 12 अगस्त को जिस प्रकार ईद का पर्व शांति और उत्साह के साथ मनाया, उसी प्रकार 15 अगस्त को भी देश की आजादी का पर्व मनाए। अनुच्छेद 370 में बदलाव कर केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को देश मुख्य धारा से जोडऩे का प्रयास किया है।

एक और दरगाह दीवान ने न्यूज चैनल पर देशभक्ति से भरा इंटरव्यू दिया, वहीं ख्वाजा साहब की दरगाह के बाहर उस समय देशभक्ति का माहौल हो गया, जब तिरंगा रैली निकाली गई। रैली के संयोजक नवाब हिदायउल्ला, महमूद खान के साथ साथ मुस्लिम प्रतिनिधि शेखजादा जुल्फिकार चिश्ती, सरवर चिश्ती, माजीद चिश्ती आदि ने कहा कि यदि देश की खातिर कुर्बानी की जरूरत हुई तो मुसलमान सबसे आगे होगा। कुरान शरीफ का हवाला देते हुए मुस्लिम प्रतिनिधियों ने कहा कि मुसलमान जिस देश में रहता है, उस देश का मरते दम तक वफादार होता है।

इसी सोच के साथ 800 साल पहले ख्वाजा साहब इरान से हिन्दुस्तान और फिर अजमेर आए। दरगाह के बाहर मुस्लिम प्रतिनिधियों ने हिन्दुस्तान जिन्दाबाद के नारे लगाकर पाकिस्तान को भी ललकारा। प्रतिनिधियों ने कहा कि पाकिस्तान को किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिए। यदि पाकिस्तान हमला करता है तो भारत की सीमा पर मुसलमान खड़े मिलेंगे। तिरंगा रैली दरगाह के मुख्य द्वार से शुरू होकर देहली गेट तक पहुंची। रैली में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह शेखावत, नगर निगम के उपायुक्त गजेन्द्र सिंह रलावता, थानाधिकारी हेमराज, अंजुमन के पदाधिकारी अब्दुल माजीद चिश्ती आदि ने लोगों को तिरंगे झंडे वितरित किए।

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