IIT के छात्रों का कमाल, 32 KM दूर से 18 मिनट में ब्लड सैंपल लेकर पहुंचा ड्रोन

 
IIT के छात्रों का कमाल, 32 KM दूर से 18 मिनट में ब्लड सैंपल लेकर पहुंचा ड्रोन
नई टिहरी। टेली मेडिसिन सेवा 555 की सफलता के बाद अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल की प्रयोगशाला तक पहुंचाने के लिए ड्रोन सेवा का प्रस्ताव रखा गया है।

सीडी स्पेस कंपनी ने पायलेट प्रोजेक्ट के तहत बृहस्पतिवार को ड्रोन से ब्लड सैंपल भेजने का डेमो दिखाया है, जिसमें करीब 32 किमी दूर पीएचसी नंदप्रयाग से ड्रोन ब्लड सैंपल लेकर महज 18 मिनट में जिला अस्पताल पहुंचा।

अस्पताल तक पहुंचने में असमर्थ दूर-दराज क्षेत्र के मरीजों के लिए 555 टेली मेडिसिन सेवा वरदान साबित हो रही है।

इसी तरह मरीजों की मदद के लिए सीडी स्पेस रोबोटिक्स कंपनी ने पीएचसी-सीएचसी में आने वाले मरीजों का ब्लड व यूरिन आदि के सैंपल जांच के लिए ड्रोन से भेजने का प्रस्ताव रखा है, जिससे दूर-दराज के मरीजों को जिला अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

आईआईटी कानपुर के छात्रों ने गुरूवार को इसका डेमो भी दिखाया है। ट्रायल के तौर पर करीब 32 किमी दूर नंदगांव पीएचसी से ड्रोन ब्लड सैंपल लेकर 18 मिनट में जिला अस्पताल पहुंचा। इस मौके पर डा. सुशील, एसटीएस सुरेंद्र थलवाल और मुकेश आदि मौजूद थे।

वहीं डीएम सोनिका का कहना है कि कंपनी ने खुद ड्रोन का डेमों दिखाया है। उन्होंने इसे टेली मेडिसिन सेवा से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईआईटी कानपुर से ग्रेज्युएट ड्रोन टीम लीडर निखिल उपाध्याय ने बताया कि यह ड्रोन इंडिया में ही विकसित किया गया है। देश में यह पहली तरह का डेमो जिला अस्पताल बौराड़ी में किया गया है। एक ड्रोन की लागत 10 से 12 लाख है। इसे कहीं भी आसानी से टेक ऑफ और लैंड कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ड्रोन की हवाई रेंज 50 किमी है।

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