लोकसभा चुनाव में 20 राज्यों की 91 सीटों पर पहले चरण का मतदान समाप्त

 
लोकसभा चुनाव में 20 राज्यों की 91 सीटों पर पहले चरण का मतदान समाप्तनई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण में गुरुवार को 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर मतदान किया गया। इन 91 सीटों पर कुल 1279 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं जिनमें से 559 निर्दलीय, 89 महिला उम्मीदवार हैं। 37 सीटों को संवेदनशील घोषित किया गया है। 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों के सफर को तय करते हुए नतीजे 23 मई को आएंगे। ज्ञात हो कि इस चुनाव में त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में मतदान सर्वाधिक 80 प्रतिशत से अधिक हुआ।
20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर इतने प्रतिशत हुई वोटिंग
चुनाव आयोग के मुताबिक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 1 सीट पर 70.67 प्रतिशत मतदान, आंध्र प्रदेश में 25 सीटों पर 66 फीसदी मतदान, छत्तीसगढ़ में 56 फीसदी, तेलंगाना में 17 सीटों पर 60 फीसदी मतदान, उत्तराखंड में 5 सीटों पर 57.85 प्रतिशत, जम्मू-कश्मीर में 2 सीटों पर 54.49 फीसदी मतदान, अरुणाचल प्रदेश में 2 सीटों पर 66 प्रतिशत, बिहार 4 सीटों पर 50 फीसदी, महाराष्ट्र में 7 सीटों पर 56 प्रतिशत, मेघालय में 2 सीटों पर 67.16 प्रतिशत, ओडिशा में 4 सीटों पर 68 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 8 सीटों पर 63.69 प्रतिशत सिक्किम में 1 सीट पर 69 फीसदी, मिजोरम में 1 सीट पर 60 प्रतिशत, नागालैंड में 1 सीट पर 78 प्रतिशत, मणिपुर में 1 सीट पर 78.2 प्रतिशत, त्रिपुरा में 1 सीट पर 81.8 प्रतिशत, असम में 5 सीटों पर 68 फीसदी, पश्चिम बंगाल 2 सीटों पर 81 प्रतिशत हुआ है। चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग 18 अप्रैल को होगी। 
इस चरण में अलग अलग दलों के नेताओं की किस्मत दांव पर है। मोदी मंत्रिमंडल के जिन उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हुई उनमें यूपी के गाजियाबाद से वी के सिंह, बागपत से सत्यपाल सिंह, गौतमबुद्ध नगर से डॉ महेश शर्मा और महाराष्ट्र के नागपुर से नितिन गडकरी का नाम शामिल है। इन चेहरों के अलावा आरएलडी के मुखिया अजीत सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी चुनावी मैदान में हैं तो हैदराबाद से एआईएमआइएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी भी अपनी किस्मत आजमां रहे है।
माओवादियों की धमकी से ओडिशा में दो बूथों पर एक भी वोट नहीं
मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्तों के बावजूद माओवादियों की धमकी के कारण ओडिशा के मलकानगिरी जिले के दो मतदान बूथों पर लोकसभा के पहले चरण में एक भी मतदाता ने वोट डालने का जोखिम नहीं उठाया। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने गुरुवार को कहा, वामपंथी उग्रवादियों की धमकी के कारण दो मतदान बूथों पर एक भी मतदाता ने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया। यह दोनों मतदान बूथ माओवादियों के गहरे प्रभाव वाले क्षेत्र में हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार मलकानगिरी के मथिली पुलिस थाने के तहत तिमुरुपाली गांव के बूथ छह और आठ पर एक भी वोट नहीं डाला गया। इससे पहले मीडिया के एक वर्ग में ऐसी खबरें भी आईं थी कि माओवादियों की धमकी के कारण मलकानगिरी जिले के 15 मतदान बूथों पर एक भी वोट नहीं पड़ा। चुनाव आयोग के लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद माओवादियों ने चुनाव के बहिष्कार का एलान किया था। रिपोर्टों के अनुसार मलकानगिरी के मथिली क्षेत्र में सीपीआई (माओवादी) के पोस्टर लोगों से चुनावों का बहिष्कार करने के लिए लगाए गए थे जिसमें चुनावों में भाग नहीं लेने के लिए चेताया गया था।

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