कांग्रेस सरकार को समर्थन देने का पूरा फायदा उठा रहे हैं निर्दलीय विधायक सुरेश टाक

 
कांग्रेस सरकार को समर्थन देने का पूरा फायदा उठा रहे हैं निर्दलीय विधायक सुरेश टाक
एसपी मित्तल 
कांग्रेस विधायकों को शिकायत हो सकती है कि बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनके विधनसभा क्षेत्र के लिए कुछ नहीं दिया, लेकिन अजमेर जिले के किशनगढ़ के निर्दलीय विधायक सुरेश टाक खुश है कि 16 जुलाई को बजट भाषण में सीएम गहलोत ने किशनगढ़ के अरांई में एसडीएम दफ्तर और सलेमाबाद में प्रथम श्रेणी का पशु चिकित्सालय खोलने की घोषणा कर दी है। इसी प्रकार किशनगढ़ शहर के सार्दुल स्कूल को हायर सैकंडरी करने की घोषणा भी हुई है।

किशनगढ़ के पुराने रेलवे स्टेशन पर अंडर ब्रिज बनाने के लिए तीन करोड़ रुपए खर्च करने पर सहमति हो गई है। विधायक टाक को उम्मीद है कि किशनगढ़ को जोडऩे वाले मार्गों को मेगा हाईवे बनाने, ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलों को क्रमोन्नत करने, नई सड़कें बनाने आदि के कार्य भी जल्द शुरू हो जाएंगे। किशनगढ़ में वेंडर जोन बना ठेले वालों के लिए शेड बनाने का कार्य जल्द शुरू हो रहा है। चौराहों पर ट्रेफिक लाइट से यातायात नियंत्रित हो रहा है। अब ट्रेफिक पुलिस भी तैनात रहती है, ताकि जाम आदि न लगे।

पार्किंग स्थल भी विकसित किए जा रहे हैं। मार्बल उद्यमियों की परेशानी को देखते हुए रेडकोर वाले तीन किलोमीटर लम्बी सड़क की मरम्मत भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं गांव का पानी गांव में ही योजना के तहत कुओं को रिचार्ज करवा कर पेयजल की सप्लाई की जा रही है। टाक ने माना कि विकास के यह सब कार्य राज्य की कांग्रेस सरकार को समर्थन देने की वजह से हो रहे हैं।

सीएम अशोक गहलोत  और डिप्टी सीएम सचिन पायलट का किशनगढ़ के प्रति सकारात्मक रुख है। विधायक बनने के बाद गत छह माह में जो कार्य बताए गए हैं उन्हें सरकार ने पूरा करवाया है। टाक ने दोहराया कि मैंने किशनगढ़ के मतदाताओं के हित में कांग्रेस सरकार को समर्थन देने की घोषणा की थी। मेरा उद्देश्य किशनगढ़ का विकास करवाना है।

मकसद में कामयाब
विधानसभा चुनाव से पहले तक टाक भाजपा के दिग्गज नेता थे। लेकिन टिकिट नहीं मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। कांग्रेस की सरकार बनने पर टाक ने राजनीतिक सूझबूझ से समर्थन देने का फैसला किया। अब टाक की स्थिति सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक जैसी ही हैं। विकास कार्यों के साथ साथ किशनगढ़ में छोटे बड़े अफसरों की नियुक्ति भी टाक की सहमति से हो रही है।

अधिकारी वर्ग भी टाक को ही प्राथमिकता दे रहा है। किशनगढ के जो राजनीतिक हालात हैं उसमें सरकार के समर्थन के बगैर विधायकी हो ही नहीं सकती है। टाक अपने राजनीतिक मकसद में सफल हैं। वैसे भी टाक किसी भी दल के कार्यकर्ताओं से राजनीतिक भेदभाव नहीं कर रहे हैं। हालांकि किशनगढ़ के कुछ कांग्रेसियों को टाक की राजनीति पसंद नहीं आ रही है, लेकिन टाक ने सीएम और डिप्टी सीएम से अपनी पटरी बैठा ली है, इसलिए ईष्र्या रखने वाले कांग्रेसी शांत हैं। जहां तक भाजपा के नेताओं का सवाल है तो ऐसे नेता मौके की तलाश में हैं। जो भी हो फिलहाल किशनगढ़ के लोगों का फायदा हो रहा है। 

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