राफ्टिंग करने अमेरिका से आईं थी भारत, लेकिन यहां 25 साल की उम्र में ही बन गईं साध्वी

 
राफ्टिंग करने अमेरिका से आईं थी भारत, लेकिन यहां 25 साल की उम्र में ही बन गईं साध्वी
साध्वी भगवती अमेरिका से भारत भ्रमण पर आईं थी। दिल्ली पहुंचने के बाद गाइड ने जिन शहरों का नाम बताया, उनमें ऋषिकेश सबसे पहला था। फिर तय हुआ कि वहां चलकर राफ्टिंग का लुत्फ उठाया जाए। यहां आने के बाद प्राकृतिक और आध्यात्मिक छटा ने ऐसी छाप छोड़ी कि 25 वर्षीय लड़की ने गंगा को मां और भारत को अपना घर मान लिया।
साथी पर्यटकों ने होटल में रहना पसंद किया लेकिन वह इकलौती लड़की थीं जिन्होंने परमार्थ निकेतन को ठिकाना बनाया। आज वही लड़की देश ही नहीं दुनिया भर में साध्वी भगवती के नाम से प्रख्यात हो चुकी हैं। 1996 में साध्वी भगवती जब साइकोलॉजी में ग्रेजुएट की छात्रा थीं, तब वह भारत घूमने आईं थी। घूमते हुए वह परमार्थ निकेतन पहुंचीं। यहां का वातावरण और गंगा की प्राकृतिक शोभा देख उन्होंने यहीं बस जाने का निश्चय कर लिया। 

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