मुर्दा बीवी को जिंदा बताकर कराया बीमा, हड़पा क्लेम

 
मुर्दा बीवी को जिंदा बताकर कराया बीमा, हड़पा क्लेमठाकुरद्वारा (इफ्तखार अर्शी)। मुर्दा पत्नी को जिंदा दर्शाकर बीमा करवा लिया। बाद में मृत्यू प्रमाणपत्र बनवाकर बीमा धनराशि हड़प ली। बीमा कंपनी के संज्ञान में आने पर बीमा धारक, एजेंट और मैनेजर समेत आधा दर्जन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी विनीत कुमार यादव ने पुलिस महानिदेश को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा कि ठाकुरद्वारा कोतवाली के ग्राम खैरुल्लापुर निवासी मुनीश कुमार ने अपनी पत्नी बबीता की 24 सितंबर 2014 को ढाई लाख रुपये की बीमा पालिसी कराई थी। 14505 रुपये प्रीमियम जमा किया था। पालिसी में स्वयं मुनीश कुमार नामिनी था। 

गांव के राजेंद्र सिंह के साथ मुरादाबाद के लाजपत नगर निवासी किसन लाल और मंझौला निवासी सुमित कुमार गवाह थे। पालिसी अभिकर्ता धर्मवीर सिंह और सेल्समैनेजर हरिओम सैनी के माध्यम से की गई थी। मुनीश कुमार ने 20 दिसंबर 2014 को पत्नी बबीता की मृत्यू दर्शाकर बीमा धनराशि का दावा किया। कंपनी ने मुनीश कुमार बीमा धनराशि की अदायगी कर दी। 

बाद में कंपनी के संज्ञान में आया कि बबीता देवी की मृत्यु के बाद पालिसी कराई गई थी और बाद में गलत सूचना के आधार पर मृत्यू प्रमाणपत्र बनवाकर बीमा की धनराशि हड़पी गई है। कंपनी ने मामले की जांच की तो बबीता की मृत्यूू मार्च 2014 में होना पाया गया। जबकि पालिसी के लिए प्रोपजल फार्म 24 सितंबर 2014 को भरा गया। जबकि जनसेवा केंद्र से प्राप्त मृत्यूू प्रमाणपत्र में तिथि 20 दिसंबर 2014 अंकित कराई गई, जिसको ग्राम विकास अधिकारी योगेंद्र की सिंह एवं एडीओ पंचायत की आख्या के आधार पर मृत्यू प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया गया। 

पुलिस महानिदेश के आदेश पर धोखाधड़ी कर गलत मृत्यू प्रमाण पत्र बनवाने और बीमा कंपनी की धनराशि हड़पने के मामले में कोतवाली पुलिस ने मुनीश कुमार, गवाह राजेंद्र सिंह, किशन लाल, सुमित कुमार, अभिकर्ता धर्मवीर सिंह और सैल्स मैनेजर हरिओम सैनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। 

From around the web