कश्मीरी लड़कियां इस नियम की वजह नहीं करती दूसरे राज्य के लड़कों से शादी!

 
कश्मीरी लड़कियां इस नियम की वजह नहीं करती दूसरे राज्य के लड़कों से शादी!आप में से ज्यादातर लोग शायद ही जानते होंगे कि आखिर धारा-370 क्या है और क्यों लगातार देश में इस धारा को हटाने की मांग उठती रहती है। धारा 370 जम्मू कश्मीर को पूरे देश से अलग रखने का काम करती है और ऐसा इस धारा के प्रावधानों की वजह से होता है। यही वजह है कि लगातार इस धारा को समाप्त करने की मांग उठती रहती है।

जानिए धारा 370 की प्रावधान
इस धारा की सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इसमें हर जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोगों को दोहरी नागरिकता मिली हुई है जाबकि जम्मू-कश्मीर के अलावा भारत के किसी हिस्से में रहने वाले किसी भी नागरिक को सिर्फ एक नागरिकता मिली हुई है।
जम्मू-कश्मीर में भारत का झंडा नहीं फहराया जाता क्योंकि यहां का एक अलग झंडा हो जिसे इस इलाके में मान्यता मिली हुई है।
जम्मू कश्मीर में भारत के झंडे का अपमान किया जाता है इसके बावजूद यहां पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है क्योंकि यहां पर ऐसा करने को अपराध नहीं माना जाता है।
जम्मू कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जायेगी। फिर वो महिला कश्मीरी नहीं कहलाएगी।
जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के ऊपर शरीयत कानून लागू किया जाता है जो कि अन्य राज्यों में नहीं लागू है।
जम्मू कश्मीर की कोई महिला किसी पाकिस्तानी से शादी कर ले तो उस शख्स को भी कश्मीर की नागरिकता मिल जाती है।
आपको ये बात जानकार हैरानी होगी कि भारत में बनाए जाने वाले नियम क़ानून जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होते हैं इसी वजह से भारत की सुरक्षा पर संकट मंडराता रहता है और इसी वजह से धारा 370 को हटाने की मांग लगातार उठती रहती है।
जम्मू-कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है जबकी भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है ।

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