बीजेपी के खिलाफ मुसलमानों से वोट मांग घिरीं मायावती, EC ने तलब की रिपोर्ट

 
बीजेपी के खिलाफ मुसलमानों से वोट मांग घिरीं मायावती, EC ने तलब की रिपोर्टसहारनपुर। लोकसभा चुनावों के लिए उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के देवबंद में रविवार को सपा, बसपा और रालोद गठबंधन द्वारा पहली संयुक्त रैली आयोजित की गई। इसमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने भाग लिया। ये पहली संयुक्त रैली विवादों में घिर गई है। 
रैली में बीएसपी प्रमुख मायावती बीजेपी और पीएम मोदी पर आक्रामक रहीं लेकिन उनका भाषण विवाद का विषय बन गया है। दरअसल, रैली में उन्होंने सीधे मुसलमानों को संबोधित करते हुए वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय कांग्रेस के झांसे में न आए और बीजेपी को हराने के लिए गठबंधन के उम्मीदवारों को वोट दे। इसके बाद उत्तर प्रदेश के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने इसका संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
मायावती ने अपने भाषण में कहा, मैं खासतौर पर मुस्लिम समाज के लोगों से यह कहना चाहती हूं कि आपको भावनाओं में बहकर, रिश्ते-नातेदारों की बातों में आकर वोट बांटना नहीं है बल्कि एकतरफा वोट गठबंधन को ही देना है। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से प्रचार अभियान के दौरान जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र आदि के नाम पर ऐसी भावनात्मक अपील करने से बचने को कहा है जिससे समाज में भेदभाव और तनाव फैलता हो। 
रैली में बसपा मुखिया मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी को देश की कोई भी चिंता नहीं है। वह तो अपनी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ब्रांडिंग में लगे हैं। उन्होंने कहा, अब उनको गठबंधन से डर लग रहा है। यह तो तय है कि अब उत्तर प्रदेश से भाजपा जा रही है और गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ आ रहा है। 
मायावती ने कहा,  मोदी सिर्फ गरीबों का साथ देने का नाटक कर रहे हैं। उनका पूरा ध्यान तो धन्ना सेठों को और ज्यादा अमीर बनाने का है। भाजपा इस बार सत्ता से जरूर बाहर होगी। इन्हें इनकी चौकीदारी की नाटकबाजी भी नहीं बचा पाएगी, चाहे चुनाव में इनके छोटे-बड़े चौकीदार कितनी ही ताकत क्यों ना लगा लें। माायावती ने कहा, ये (भाजपा) चुनाव घोषित होने वाले दिन तक हवा हवाई घोषणाओं में जुटे रहे, इन्होंने इसे पुलवामा हमले तक भी इसे जारी रखा है। पुलवामा हमले के दिन भी कई कार्यक्रम हुए, पुलवामा घटना ने इनकी देशभक्ति का भी पदार्फाश किया। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम में गड़बड़ नहीं हुई तो महागठबंधन की जीत होगी। भाजपा के राज में आरक्षण व्यवस्था कमजोर हुई।

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