मोदी सरकार ने हज सब्सिडी के 'छल को 'ईमानदारी के बल से खत्म किया: नकवी

 
मोदी सरकार ने हज सब्सिडी के 'छल को 'ईमानदारी के बल से खत्म किया: नकवी
नई दिल्ली। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज नई दिल्ली में हज 2019 के प्रतिनिधियों के लिए ओरीएन्टेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम' की शुरूआत की। नकवी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हज सब्सिडी में होने वाला छल-कपट समाप्त कर दिया है। आजादी के बाद पहली बार इस वर्ष सब्सिडी के बिना रिकॉर्ड संख्या में दो लाख भारतीय मुस्लिम हज जाएंगे।
दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्धाटन करते हुए नकवी ने कहा कि इस ईमानदार और पारदर्शी प्रणाली ने सुनिश्चित किया है कि हज सब्सिडी हटा देने के बाद भी हज यात्रियों पर किसी प्रकार का अनावश्यक वित्तीय बोझ न पड़े।
नकवी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने हज यात्रियों की सुरक्षा और उनके लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि  इस संबंध में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नकवी ने कहा कि हज यात्रियों की सहायता के लिए 620 हज समन्वयक, सहायक हज अधिकारी, हज सहायक, डॉक्टर, चिकित्सा सहायक तैनात किए गए हैं। इन प्रतिनिधियों में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं।
नकवी ने कहा कि देश के 21 स्थानों से 500 उड़ानों के जरिए इस वर्ष बिना सब्सिडी के रिकॉर्ड संख्या में दो लाख भारतीय मुसलमान हज जाएंगे। एक लाख 40 हजार हज यात्री हज समिति के जरिए, 60 हजार हज यात्री हज समूह संगठनों के जरिए हज यात्रा पर जाएंगे। सभी हज समूह संगठनों को हज समिति द्वारा निर्धारित दरों पर दस हजार हज यात्रियों को ले जाना होगा।
नकवी ने जानकारी दी कि हज यात्रियों की सहूलियत और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस वर्ष एचजीओ का एक पोर्टल विकसित किया गया है, जिसमें एचजीओ, उसके पैकेज आदि के बारे में पूरा विवरण है। इस वर्ष कुल 725 एचजीओ हज यात्रियों को ले जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मेहराम (पुरुष साथी) के बिना इस वर्ष हज यात्रा पर जाने वाली महिलाओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी है। इस वर्ष 'मेहराम' के बिना भारत से 2,340 मुस्लिम महिलाएं हज के लिए जाएंगी, जबकि पिछले वर्ष 'मेहराम' के बिना 1180 महिलाओं ने हज किया था। इस वर्ष भी अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने लॉटरी प्रणाली के बिना इन महिलाओं को हज भेजने की व्यवस्था की है। दो लाख भारतीय हज यात्रियों में करीब 48 प्रतिशत महिलाएं हैं। 
हज 2019 के लिए उड़ानें 4 जुलाई, 2019 से शुरू होंगी। 4 जुलाई को दिल्ली, गया, गुवाहाटी और श्रीनगर से उड़ाने शुरू होंगी। इसके अलावा हज यात्री बेंगलुरु (7 जुलाई), कालीकट (7 जुलाई),कोच्चि (14 जुलाई), गोवा (13 जुलाई), मंगलौर (17 जुलाई), मुंबई (14 और 21 जुलाई), श्रीनगर (21 जुलाई) से जाएंगे। दूसरे चरण में उड़ानें अहमदाबाद (20 जुलाई), औरंगाबाद (22 जुलाई), भोपाल (21जुलाई), चेन्नई (31 जुलाई), हैदराबाद (26 जुलाई), जयपुर(20 जुलाई), कोलकाता (25 जुलाई), लखनऊ (20 जुलाई), नागपुर (25 जुलाई), रांची(21 जुलाई) और वाराणसी (29 जुलाई) से रवाना होंगी।
नकवी ने कहा कि सउदी अरब द्वारा भारत का हज कोटा बढ़ाकर 2 लाख कर देने से यह तय हो गया है कि आजादी के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, बिहार जैसे सभी बड़े राज्यों से आवेदन करने वाले सभी हाजी 2019 के हज के लिए जाएंगे, क्योंकि हज कोटा बढऩे के कारण प्रतीक्षा सूची खत्म हो गई है।
कुल 19 स्वास्थ्य केन्द्र (मक्का में 16 और मदीना में 3) स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा मक्का में 3 और मदीना में एक अस्पताल स्थापित किया गया है, ताकि हज यात्रियों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। दो दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हज प्रतिनिधियों को हज यात्रा, मक्का और मदीना में ठहरने, परिवहन, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा उपायों आदि के बारे में सभी जानकारियां दी जाएंगीं। 

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