मुस्लिम पिता और बेटे ने बिना मजदूरी लिए 100 दिन में बना दिया मंदिर

 
मुस्लिम पिता और बेटे ने बिना मजदूरी लिए 100 दिन में बना दिया मंदिर
नई दिल्ली।  मध्यप्रदेश के इटारसी में एक मुस्लिम पिता-पुत्र ने एक मंदिर बनाया और उसके लिए कोई पैसा भी नहीं लिया. दोनों ने 100 दिन लगातार काम कर इस मंदिर का निर्माण किया।

हालांकि मंदिर बनवाने वाली एक टीचर ने दोनों का ये भाव देखकर अपनी छह एकड़ जमीन में से एक एकड़ जमीन को इन कारीगरों के नाम करने का ऐलान किया।

बता दें कि सावित्री एक टीचर हैं और केसला के एक्सीलेंस स्कूल में 15 साल से पढ़ा रही हैं. वह बताती हैं कि वह मदर्स डे पर मंदिर बनवाकर अपनी मां की इच्छा पूरी करनी चाहती थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सावित्री बताती हैं कि उन्होंने अपनी जमापूंजी में से 5 लाख रुपए मंदिर के लिए दान दिए थे, जिससे इसका निर्माण किया गया।

इस मंदिर को बनाने के लिए मुस्लिम कारीगर पिता-पुत्र रहमान और रिजवान ने भी मदद की दोनों ने मंदिर बनाने का काम किया और मेहनताना के रूप में एक रुपया भी नहीं लिया. रहमान के मुताबिक, मंदिर बनाते समय बेटे को दूसरी जगह काम पर भेज देते थे, जिससे परिवार का गुजारा चलता रहा।

सावित्री बताती हैं कि उनकी मासिक सैलरी भी अच्छी है. इकलौती बेटी की शादी भी कर दी. उसके बाद मंदिर बनाने की ख्वाहिश ही पूूरी करनी थी. मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मंदिर में प्रतिमा की स्थापना की गई। 

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