मुसलमानों को देश में मुनासिब हक मिलना चाहिए, उनके साथ इंसानों जैसा व्यवहार किया जाए: ओवैसी

 
मुसलमानों को देश में मुनासिब हक मिलना चाहिए, उनके साथ इंसानों जैसा व्यवहार किया जाए: ओवैसी
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है. अब उनके इस बयान पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है. ओवैसी ने कहा है कि वे मुसलमानों के लिए मुनासिब हक की मांग करते हैं तो उन्हें भड़काऊ भाईजान कहा जाता है.

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का बयान शुक्रवार को चर्चा में रहा. इस वीडियो में मेनका मुसलमानों से खुद को वोट देने की अपील कर रही हैं और कह रही हैं कि अगर वे उन्हें वोट नहीं देंगे तो उनके लिए भी उनके काम करना मुश्किल होगा.

मेनका गांधी यूपी के सुल्तानपुर जिले के मुस्लिम बहुल गांव तुराबखानी इलाके में एक नुक्कड़ सभा कर रही थीं. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मैं तो चुनाव जीत रहीं हूं, ऐसे में आप हमारा साथ दीजिए वरना कल जब आप काम के लिए हमारे पास आओगे तो समझ लीजिए मैं क्या करूंगी. मैं कोई महात्मा गांधी की छठी औलाद नहीं हूं.”

मेनका के बयान पर ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. ओवैसी ने कहा कि मेनका गांधी को समझना चाहिए कि वोट कोई सामंती सलामी नहीं है और न ही वोट के आधार पर वह किसी संप्रदाय विशेष के लोगों का काम करने से मना कर सकती हैं. ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा, “मैं कहता हूं कि मुसलमानों को इस देश में मुनासिब हक मिलना चाहिए, उनके साथ इंसानों जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए तब मुझे भड़काऊ भाईजान कहा जाता है. मेनका जी कृपया समझिए कि वोट कोई सामंती सलामी नहीं है, एक सांसद धर्म के आधार पर या फिर उसने किसे वोट किया है इसके आधार पर जनता के काम को नकार नहीं सकता है.”

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