अब एकल विवाह के लिए पैसे नहीं देगी सरकार

 
अब एकल विवाह के लिए पैसे नहीं देगी सरकार
मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं मुख्यमंत्री निकाह योजना के तहत  मध्य प्रदेश राज्य सरकार अब एकल विवाह (घर से किया जाने वाला विवाह) के लिए राशि नहीं देगी।

दिसंबर 2018 में लिए गए इस फैसले को सरकार ने वापस ले लिया है। अब सिर्फ सामूहिक विवाह के लिए राशि दी जाएगी। उस पर भी फिलहाल लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता का ग्रहण लगा हुआ है।

सरकार ने चुनाव आयोग से हितग्राहियों को योजना का लाभ देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन आयोग ने फिलहाल अनुमति नहीं दी है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए वचन पत्र जारी किया था, जिसमें प्रदेश की जनता से वादा किया गया था कि सरकार बनने पर वह योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ा देगी। वहीं सामूहिक के साथ एकल विवाह के लिए भी राशि दी जाएगी। सरकार ने अपना यह फैसला बदल दिया है।

सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग ने संशोधित आदेश जारी किया है। इसमें सिर्फ सामूहिक विवाह के लिए सहायता राशि दिए जाने का जिक्र है।

हालांकि आय सीमा में छूट का प्रावधान अब भी लागू है। कांग्रेस ने सरकार में आते ही इस योजना के तहत आय का बंधन समाप्त कर दिया था। सरकार ने योजना की राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपए की है।

यह वादा कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में भी किया था। अब 48 हजार रुपए बैंक में नए फैसले के तहत 48 हजार रुपए युवती के बैंक खाते में जमा कराए जाएंगे। जबकि विवाह कार्यक्रम के लिए संबंधित नगरीय निकाय को तीन हजार रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले युवती के बैंक खाते में 43 हजार रपए जमा कराने का प्रावधान था। वहीं तीन हजार रुपए विवाह कार्यक्रम के लिए संबंधित निकाय को देने और पांच हजार रुपए का सामान खरीद कर देने का प्रावधान था।

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