एक देश एक चुनाव व्यवहारिक नहीं : कांग्रेस

 
एक देश एक चुनाव व्यवहारिक नहीं : कांग्रेस
राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस ने देश की विकास यात्रा 2014 से शुरू होने का दावा करने पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उसे भारत की विविधता का सम्मान करने की नसीहत दी। साथ ही पार्टी ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार को अव्यावहारिक करार दिया।

उच्च सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यों में जब सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाएं या सरकार गिर जाए तो ऐसी स्थिति में क्या होगा? शर्मा ने सवाल किया कि वैसी स्थिति में वैकल्पिक सरकार कैसे बनेगी?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने चुनावी सुधार की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि चुनावी बांडों में पारदर्शिता नहीं है तथा इसके तहत 95 प्रतिशत राशि भाजपा को मिली है। शर्मा ने चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा द्वारा भारी खर्च किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि सदन में कांग्रेस के पूर्व खजांची (कोषाध्यक्ष) मोतीलाल वोरा बैठे हैं और वतर्मान कोषाध्यक्ष अहमद पटेल सदन में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से अनुरोध कर रहे हैं कि इन दोनों को इस बारे में कुछ बताएं।

शर्मा ने भाजपा को फिर से सरकार में आने की बधाई दी और उम्मीद जतायी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘कड़वाहट’ बंद होगी तथा सरकार ‘‘दुर्भावना’’ से काम नहीं करेगी।

शर्मा ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुयी चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भाजपा नीत सरकार की मानसिकता सही नहीं है और उनका मानना है कि 2014 के पहले देश में कोई प्रगति नहीं हुयी। अभिभाषण का जिक्र करते हुए कहा शर्मा ने कहा कि ऐसा लगता है कि देश के विकास का कार्य 2014 में ही शुरू हुआ। 

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