सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेकर राहुल गांधी अब नरेन्द्र मोदी को चोर नहीं कह सकेंगे

 
सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेकर राहुल गांधी अब नरेन्द्र मोदी को चोर नहीं कह सकेंगे
एसपी मित्तल 
15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राफेल विमान सौदे के प्रकरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका को लेकर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है। इसके साथ ही भाजपा सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी की याचिका पर कोर्ट ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को नोटिस भी जारी कर दिए। राहुल से 22 अप्रैल तक जवाब मांगा गया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस बात पर नाराजगी जताई कि राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट का उल्लेख कर प्रधानमंत्री पर आरोप लगाए।
श्रीमती लेखी ने 15 अप्रैल को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस को वो सबूत दिखाए जिसमें राहुल गांधी चुनावी सभाओं में कह रहे कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि प्रधानमंत्री ने राफेल सौदे में चोरी की। प्रधानमंत्री ने तीस हजार करोड़ रुपए की चोरी कर अनिल अंबानी की जेब में डाल दिए हैं। हालांकि राहुल गांधी ऐसे आरोप पहले भी लगाते रहे हैं, लेकिन गत दिनों जब कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका स्वीकार की तो राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का भी उल्लेख कर दिया। अब चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने अपनी स्थिति साफ कर दी है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर अब राहुल गांधी पीएम मोदी को चोर नहीं कह सकेंगे। इसके साथ ही राहुल अब सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में भी उलझ गए हैं। राहुल गांधी पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि वे बिना सोचे समझे बयान देते हैं। उनकी बचकानी हरकतें संसद में भी देखने को मिली हैं। ताजा मामले में ऐसे आरोप सही प्रतीत हो रहे हैं। ईडी ने जब से रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कार्यवाही शुरू की है, तबसे राहुल गांधी प्रधानमंत्री के प्रति कुछ ज्यादा ही हमलावर हैं। रॉबर्ट वाड्रा रिश्ते में राहुल के जीजा लगते हैं। हालांकि अब लोकसभा चुनाव में मोदी को मात देने के लिए राबर्ट वाड्रा की पत्नी और राहुल की बहन श्रीमती प्रियंका वाड्रा भी मैदान में कूद पाड़ी हैं। यह बात अलग है कि  दिल्ली में फार्म हाउस खरीदने, नेशनल हेराल्ड भवन को बेचने जैसे गंभीर मामलों में श्रीमती सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी तक कोर्ट से जमानत पर हैं। कोर्ट ने राबर्ट वाड्रा के विदेश जाने तक पर रोक लगा रखी है। इन सब कारणों से राहुल गांधी के मन में प्रधानमंत्री के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा है। गुस्सा और नफरत भी ऐसी कि सुप्रीम कोर्ट का उल्लेख कर प्रधानमंत्री को सरेआम चोर कह रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना है कि राफेल विमान सौदे में नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।
दिखा असर
15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट की हिदायत के बाद राहुल गांधी ने यूपी के फतेहपुर सीकरी में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। इस सभा में राहुल ने चौकीदार का शब्द तो बोला लेकिन पहले की तरह राफेल विमान सौदे के मामले में प्रधानमंत्री के बारे में चोर शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। न ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की हिदायत पर कोई टिप्पणी की।
माया और योगी के प्रचार पर रोक
बसपा प्रमुख मायावती के मुसलमानों और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बजरंग बली और अली पर दिए गए विवादित बयानों के मद्देनजर 15 अपै्रल को चुनावी आयोग ने मायावती पर दो दिन तथा योगी पर तीन दिन के लिए चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है। मायावती के 48 और योगी के 72 घंटे 16 अप्रैल को सुबह 6 बजे से शुरू होंगे। यानि ये दोनों नेता क्रमश: दो और तीन दिन चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे। रोक में मीडिया को दिए जाने वाले इंटरव्यू भी शामिल हैं। असल में सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को सुबह ही मायावती के मुद्दे पर चुनावी आयोग को फटकार लगाई थी, तब आयोग का कहना रहा कि उनके पास ज्यादा अधिकार नहीं है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की हौंसला अफजाई के बाद आयोग ने सख्त फैसला लिया। चुनावी आयोग का एक तरफा रुख नजर न आए, इसलिए मायावती के साथ साथ योगी आदित्यनाथ पर भी रोक लगाई है। उल्लेखनीय है कि यूपी में 18 अप्रैल को द्वितीय चरण में आठ सीटों पर मतदान होना है।

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