राहुल अध्यक्ष थे, हैं और रहेंगे: सुरजेवाला

 
राहुल अध्यक्ष थे, हैं और रहेंगे: सुरजेवाला
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लगाते हुए कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि गांधी पार्टी अध्यक्ष थे, हैं और आगे भी बने रहेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ए के एंटनी के मार्गदर्शन में हुई पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनौपचारिक बैठक के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने यह टिप्पणी की। इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, हालांकि राहुल गांधी इसमें शामिल नहीं थे।

गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे से जुड़ी स्थिति के बारे में पूछे जाने पर सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, राहुल जी अध्यक्ष थे, हैं और रहेंगे। हममें से किसी को इस पर कोई संदेह नहीं है। यह पूछे जाने पर क्या गांधी का विकल्प तलाशा जा रहा है तो उन्होंने कहा, इस सवाल का कोई मतलब नहीं है।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद 25 मई को हुई पार्टी की कार्य समिति की बैठक में गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी और इसके बाद से इसको लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई थी कि वह कांग्रेस अध्यक्ष रहेंगे अथवा कोई वैकल्पिक व्यवस्था होगी।

पार्टी के वरिष्ठ नेता एंटनी के मार्गदर्शन में 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित पार्टी के वार रूम में हुई बैठक में अहमद पटेल, पी चिदबंरम, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खडग़े, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा और सुरजेवाला शामिल हुए। ये नेता लोकसभा चुनाव के लिए गठित पार्टी के कोर ग्रुप में शामिल थे। सुरजेवाला ने यह भी कहा कि इस अनौपचारिक बैठक में महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के लिए बनाई गई कोर ग्रुप समिति सहित सभी दूसरी समितियों का अस्तित्व चुनाव संपन्न होने के बाद स्वत: खत्म हो गया है। सुरजेवाला ने कहा, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुझे यह सूचित करने के लिए कहा है कि वह बहुत जल्द महासचिवों की बैठक बुलाएंगे ताकि लोकसभा चुनाव की समीक्षा और आगामी चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जा सके। लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी नेताओं के चयन से जुड़े सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, ''मैंने पहले भी कहा था और फिर कह रहा हूं कि पार्टी के संविधान के तहत संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी जी दोनों सदनों में नेताओं के चयन के लिए अधिकृत हैं। वह इस बारे में फैसला करेंगी।

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