राहुल गांधी की मंशा के खिलाफ राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने निकाला आदेश

 
राहुल गांधी की मंशा के खिलाफ राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने निकाला आदेश
एसपी मित्तल 
राजस्थान की कांग्रेस सरकार के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में प्रदेशभर के सरकारी अस्पताल के प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, अतिविशिष्ट व्यक्ति, स्वतंत्रता सैनानी आदि इलाज के लिए अस्पताल आते हैं तो उनकी जांच रिपोर्ट आदि की जानकारी ऑन लाइन सिस्टम से चिकित्सा मंत्री को भेजी जाए।

इसके लिए अलग से एक पोर्टल बनाया गया है। वीआईपी मरीजों के इलाज की निगरानी खुद चिकित्सा मंत्री करेंगे। रघु शर्मा ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि वीआईपी मरीजों के इलाज में कोई कौताही नहीं बरती जाए। ऐसे में सवाल उठता है कि गरीब मरीज कहां जाएगा? यदि सरकारी अस्पतालों में वीआईपी मरीजों का ही ख्याल रखा जाएगा तो फिर आम मरीज का इलाज कौन करेगा?

चिकित्सा क्षेत्र में रघु शर्मा के इस आदेश को लेकर इसलिए भी चर्चा हो रही है कि आदेश पर शर्मा के स्वयं के हस्ताक्षर हैं। सरकारी कार्य प्रणाली में मंत्री कभी भी किसी आदेश पर हस्ताक्षर नहीं करता। सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर सचिव या उपसचिव स्तर का अधिकारी करता है। रघु शर्मा पहली बार मंत्री बने हैं, शासद सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर करना उन्हें रुचिकर लग रहा है।

राहुल की मंशा के विपरीत
रघु शर्मा के वीआईपी मरीजों के इलाज के संबंध में जारी आदेश को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा के विपरीत माना जा रहा है। राहुल गांधी का कहना है कि 72 हजार रुपए प्रतिमाह देने वाली न्याय योजना गरीबों के लिए ही है।

कांग्रेस शासित राज्यों में राहुल गांधी गरीबों के लिए ही काम करने की बात कर रहे हैं। यानि राहुल गांधी को तो गरीब की चिंता है, लेकिन राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु को वीआईपी व्यक्तियों की। रघु का यह आदेश वीआईपी कल्चर को बढावा देने वाला है, जबकि राहुल गांधी तो वीआईपी कल्चर के खिलाफ है।

देखना है कि इस आदेश पर राहुल गांधी की क्या प्रतिक्रिया होती है। जहां तक सीएम अशोक गहलोत का सवाल है तो वे रघु को कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि रघु को डिप्टी सीएम सचिन पायलट का संरक्षण है।

From around the web