उन्हें पता नहीं था कि क्या मैं फिल्मों में काम करती हूं, नाचने वाली हूं, कहकर रो पड़ीं जया प्रदा

 
उन्हें पता नहीं था कि क्या मैं फिल्मों में काम करती हूं, नाचने वाली हूं, कहकर रो पड़ीं जया प्रदासिने अभिनेत्री और उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी जयाप्रदा ने अपने जन्मदिन के मौके पर बुधवार को नामांकन कराया। नामांकन के दौरान केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख और सांसद राजवीर सिंह के अलावा भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। भाजपा प्रत्याशी जुलूस के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची जहां उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। रामपुर में चुनाव के तीसरे चरण में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। रामपुर से जया प्रदा चुनावी रैली के दौरान भावुक हो गईं। मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनकी आंखों में अचानक आंसू आ गए। उन्होंने कुछ देर तक अपना भाषण रोका और फिर आंसू पोंछकर दोबारा सभा को संबोधित किया। उन्होंने आजम खान के बयानों पर एतराज जताते हुए कहा कि क्या उन्हें पता नहीं था कि क्या मैं फिल्मों में काम करती हूं, नाचने वाली हूं। जया प्रदा का दर्द अपने भाषण के दौरान छलक पड़ा।
जया प्रदा ने आगे कहा कि मैं रामपुर कभी छोडऩा नहीं चाहती थी बल्कि रामपुर की जनता की सेवा करना चाहती थी। जया प्रदा ने आगे कहा कि रामपुर में उनके ऊपर हमला किया गया। इसके बाद वो सक्रिय राजनीति से दूर हो गईं, यह बोलते-बोलते जयाप्रदा मंच पर फूट-फूट कर रोने लगीं। जयाप्रदा ने सही मुहुर्त के चलते पूर्व निधार्रित समय से पहले सादगी से नामांकन कराया। उन्होने नामाकंन दाखिल करने के बाद कहा-मेरे लिए आज अहम दिन है कि मुझे आज मेरे जन्मदिन पर नामांकन का मौका मिला। मैं इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का धन्यवाद करती हूं। अब मै क्षेत्र में चुनाव आगे बढाने की रणनीति तैयार करेंगी। इससे पहले पूर्व सांसद ने इससे पहले मंदिर,गुरूद्वारा और मजार में माथा टेककर जीत की दुआ मांगी। वह सबसे पहले भमरौवा मंदिर पहुंची और भगवान शिव को जलाभिषेक किया ।


इसके साथ ही उन्होंने गुरुद्वारा पहुंचकर भी माथा टेका। जयाप्रदा ने एक मजार में पहुंचकर जीत की दुआ मांगी। जयाप्रदा रामपुर से दो बार सांसद रह चुकी हैं। वर्ष 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में वह समाजवादी पार्टी (सपा) की टिकट पर निर्वाचित हुयी थी। समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता आजम खां और अमर सिंह के बीच तल्ख रिश्तों के चलते उन्होने पिछले दिनो सपा से किनारा कर भाजपा का दामन थामा था। श्री अमर सिंह बीमार होने के वजह से नामाकंन के मौके पर मौजूद नहीं थे। पिछले लोकसभा चुनाव में जयाप्रदा ने यहां से किस्मत आजमायी मगर उन्हें सफलता नहीं मिली। रामपुर में भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा और सपा उम्मीदवार आजम खां के बीच कांटे के संघर्ष के आसार हैं। खां ने मंगलवार को अपना नामांकन दर्ज कराया था।

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