धमाका होते ही ताश के पत्तों की तरह गिर गई होटल की बिल्डिंग

 
धमाका होते ही ताश के पत्तों की तरह गिर गई होटल की बिल्डिंग
उज्जैन। इंदौर रोड पर 20 करोड़ रुपए से बनी होटल शांति क्लार्क इन सुइट्स की अवैध इमारत आखिरकार पूरी तरह जमींदोज हो गई। धमाका होते ही बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह गिर गई।

पूरी कार्रवाई पर 8 लाख रुपए खर्च हुए हैं, जो होटल मालिक से वसूले जाएंगे। उधर, मिलीभगत कर निर्माण के लिए नियम विरुद्घ अनुमति जारी करने वाले अफसरों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार बिल्डिंग को जमींदोज करने की कार्रवाई नगर निगम प्रशासन ने हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर की है। दरअसल होटल मालिक चंद्रशेखर श्रीवास ने अफसरों से मिलीभगत कर गृह निर्माण सोसायटियों की जमीन पर बगैर भूमि डायवर्शन कराए होटल का निर्माण कर लिया।

निगम अफसरों ने भी आंख मूंदकर निर्माण की अनुमति जारी कर दी। हालांकि शिकायत के बाद ये अनुज्ञा निरस्त कर दी थी।

कोर्ट के आदेश के पालन में निगम ने 29 जून से होटल की दीवारें जेसीबी, पोकलेन से तोड़ना शुरू की थी। सारी दीवारें तोड़ने पर पिल्लर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे तो इंदौर के एक्सपर्ट शरद सरवटे ने 2004 में बनाए होटल का एक हिस्सा (जो पहले शांति पैलेस के नाम से जाना जाता था) शाम 4.30 बजे ढहाया और 10 मिनट बाद तीन साल पहले बनाए होटल शांति क्लार्क इन सुइट्स का पिछला हिस्सा ढहा दिया।

होटल का तीसरा हिस्सा गुरुवार शाम 4.25 बजे विस्फोट कर गिरा दिया। एक ही विस्फोट में छह मंजिला इमारत एक झटके में जमींदोज हो गई। इमारत को ढहाने के लिए 28 पिलर 182 होल करके उसमें 27 किग्रा बारूद (नाइट्रेट मिक्सचर) लगाया गया था। इसके एक दिन पहले दो हिस्से ढहाने में 34 किलो बारूद उपयोग में लाया गया था।

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