तीन तलाक़ बिल: महिलाओं को कोर्ट में मत धकेलिए- कांग्रेस

 
तीन तलाक़ बिल: महिलाओं को कोर्ट में मत धकेलिए- कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद याज्ञिक ने कहा कि न्याय और समानता सबसे पहले गरिमा की बात करता है और कानून से पहले महिलाओं को समाज में बराबरी मिलनी चाहिए. महिला सुरक्षित, बेखौफ और सम्मानित जीवन जीने की पूरी हकदार हैं.

उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाओं के बीच विभेद मत करिए, सभी को पति की जरूरत है और उसे बेल का पूरा हक है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि क्या महिलाएं अपने अधिकार जानती हैं और उन्हें कानूनी सहायता पाने के बारे में जानकारी है. याज्ञिक ने कहा कि बेल और मुआवजे के सवाल को आपने मजिस्ट्रेट पर निर्भर रखा है, लेकिन पारिवारिक मामले में कोर्ट कैसे न्याय कर पाएगा.

महिला को बच्चों की कस्टडी भी चाहिए होगी, यह फैमिली कोर्ट में नहीं बल्कि मजिस्ट्रेट में यह सब तय होगा. उन्होंने कहा कि बच्चों को समझ नहीं आता क्यों उनके माता-पिता कोर्ट में लड़ रहे हैं, क्या सरकार मामला निपटने तक उन बच्चों का ध्याय रखने के लिए तैयार है. क्या बच्चों को मानसिक संतुष्टि और सलाह सरकार दे पाएगी. आप 20 देशों का उदाहरण दे रहे थे लेकिन महिलाओं को कोर्ट में मत धकेलिए.   

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