मुस्लिम लड़की कब बालिग होती है?, सुप्रीम कोर्ट में याचिका...

 
मुस्लिम लड़की कब बालिग होती है?, सुप्रीम कोर्ट में याचिका...
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है, जिसमें एक नाबालिग मुस्लिम लड़की ने कहा है कि उसने मुस्लिम कानून के हिसाब से निकाह किया है। वह प्यूबर्टी (रजस्वला) की उम्र पा चुकी है और अपनी जिंदगी जीने को आजाद है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को लड़की ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने लड़की की शादी को शून्य करार देते हुए उसे शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया कि वह शादीशुदा है और ऐसे में उसे दांपत्य जीवन बसर करने की इजाजत दी जाए।

मामला यूपी के अयोध्या का है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने मामले में दाखिल अर्जी पर सुनवाई के दौरान मामले में सुनवाई के लिए सहमति देते हुए यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।

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