सिस्टम ही जब भ्रष्टाचारी का साथ निभाए?, तो कौन बचाए..

 
सिस्टम ही जब भ्रष्टाचारी का साथ निभाए?, तो कौन बचाए..
राम मिश्रा,अमेठी। भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली सही दिशा में शुरू हुई और इसके इरादे भी नेक थे इसने देश को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने का एक तरीका बनाया, जो कि पहले आम नहीं था लोगों ने अपने फायदे के लिए सिस्टम का दुरुपयोग करना भी शुरू कर दिया हालांकि बहुत से लोग अभी भी सिस्टम से लाभ उठा रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं अब सूबे के जिला अमेठी को ही ले लीजिए जिले मे पूर्ति विभाग की मेहरबानी कब किस पर हो जाए ठिकाना नहीं आरोप है कि यहाँ कोटेदारों और उनके सगे सम्बंधियों का भी अंत्योदय कार्ड बना दिया जाता है वैसे तो जिले में पूर्ति विभाग नियमों की अनदेखी खूब करता है अब तो कोटेदारों की साठगांठ यहां तक है कि वह स्वयं अंत्योदय कार्ड धारक बन जाते हैं और सगे सम्बंधियों और रिश्तेदारों को भी बना देते हैं जिससे सरकारी माल हजम करने में आसानी हो जाती है।
सिस्टम ही जब भ्रष्टाचारी का साथ निभाए?, तो कौन बचाए..

गरीबों के निवाले पर काट रहे मलाई-
ताजा मामला शुकुल बाजार ब्लाक के ग्राम शेखपुर भंडरा निवासी अयाज अहमद पुत्र नौशाद अली ने आरोप लगाया कि उनके गांव के कोटेदार अबरार अहमद ने अपनी पत्नी रेहाना बानो के नाम से अंत्योदय कार्ड बनवा रखा है जिसका कार्ड नम्बर 2701 है,यही नहीं आरोप है कि कोटेदार ने अपने भाभी इस्लामुन निशां पत्नी अशफाक अहमद (कार्ड न०3980) का भी अंत्योदय कार्ड बनवाने में सफलता पा ली है।

आरोप है कि यह सारा खेल ग्राम प्रधान और
कोटेदार की मिली भगत व आपूर्ति विभाग की मेहरबानी से चल रहा है इसी मेहरबानी वाली दृष्टि के कारण ही ग्राम प्रधान के छोटे भाई अफसरी बानो पत्नी हारून अहमद (कार्ड न०7696) का अंत्योदय कार्ड जारी कर दिया गया है ।
सिस्टम ही जब भ्रष्टाचारी का साथ निभाए?, तो कौन बचाए..

एक़ खेल ये भी-
अयाज़ अहमद ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी सबीना बानो के आधार कार्ड इस्तेमाल कर गाँव के ही एक परिवार का अंत्योदय कार्ड-(4884) जारी कर दिया है यह परिवार दूसरे समुदाय से आता है और मजे की बात यह है इस परिवार का मुखिया अयाज़ अहमद की सासू मां तारबून निशां को दिया गया है ।

निष्पक्षता से हुई जांच तो आ सकती है आंच-
शिकायतकर्ता अयाज अहमद ने जिले के संवेदनशील जिलाधिकारी से इस मामले जांच की मांग की है लेकिन ये महज एक गांव की बानगी है अगर प्रत्येक दुकान,कोटेदारों के नाम पते की जांच कराई जाए तो आपूर्ति विभाग में अंत्योदय और बीपीएल के नाम के फर्जीवाड़ा का भांडा फूट सकता है राशन माफियाओं और जिला पूर्ति विभाग के वसूलीबाज कर्मचारियों व भ्रष्ट अधिकारियों की सह पर फर्जी राशनकार्ड का खेल चल रहा है और गरीबों के नाम पर आने वाले सरकारी माल को हजम किया जा रहा है खबर तो यहां तक है कि कोटेदार राशन के अनाज बाजारों में भी बेच रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल-
लोगो का कहना है कि जिम्मेदारों की कृपा से सरकारी सुविधाओं का दोहन बड़े पैमाने पर हो रहा है। लाभ लेने के लिए दौड़ रहे पात्रों की अर्जियां धूल फांक रही हैं, जबकि पात्र ऐन-केन-प्रकारेण अंत्योदय और बीपीएल कोटे का राशन कार्ड बनवाकर दूसरे के नाम पर सरकारी सुविधाएं ले रहे हैं।

इनका कहना है:-
जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय अमेठी से इस धांधली के बाबत पूछे गए सवाल पर वही जवाब था कि मामले की जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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