ताउम्र बरकरार रहेगी दोस्ती, बस इन 'बचकानी' हरकतों से बचें...

 
ताउम्र बरकरार रहेगी दोस्ती, बस इन 'बचकानी' हरकतों से बचें...नई दिल्ली। ऐसा ज़रूरी नहीं है कि व्यक्ति हर समय आपके लिए उपलब्ध हो। सभी कि अपनी व्यस्तताएं होती हैं। दोस्त ज़्यादा व्यस्त है तो इसका मतलब ये नहीं कि वो जानबूझकर ऐसा कर रहा है।

समय के साथ सभी की प्राथमिकताएं बदलती हैं। कभी काम तो कभी घर की ज़िम्मेदारियां। ऐसे में जब आप बुलाएं तब वह वहां मौजूद हो ऐसा ज़रूरी नहीं होता।

आप फोन लगाएं और यदि वे व्यस्त हैं तो समझदारी दिखाते हुए बाद में बात करने के लिए कहें। ऐसे में समय मिलने पर वह ज़रूर आपसे बात करेंगे।

कई बार जिस वातावरण में दोस्त काम कर रहा है, वह उससे बिलकुल विपरीत हो जिसमें कुछ साल पहले वह आपके साथ रहता था। नौकरी के बाद ज़िंदगी में बदलाव होना स्वाभाविक है। बदलाव पर नाराज़गी जाहिर करने की बजाय उसे ख़ुशी-ख़ुशी स्वीकारें।

अगर आपके दोस्त आपसे सम्पर्क नहीं कर पा रहे हैं तो आप उनसे बात करें। दोस्ती में कोई भी छोटा-बड़ा नहीं होता। इसलिए अहंकार को बीच में लाने की बजाय समय-समय पर आप दोस्त की ख़ैरियत पूछते रहें। फिर देखिएगा कैसे आपके दोस्त समय की कमी होने पर भी आपके लिए समय निकालेंगे।

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