अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सरकार की अर्जी चुनावी हथकण्डा : मायावती

 
अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सरकार की अर्जी चुनावी हथकण्डा : मायावतीलखनऊ। केन्द सरकार द्वारा राम जन्म भूमि न्यास की 42 एकड़ भूमि को उसे वापस दिए जाने संबंधी केन्द्र सरकार की सर्वोच्च न्यायालय में दी गई अर्जी पर बसपा प्रमुख मायावती ने एतराज जताया है। मायावती ने केन्द्र सरकार के इस कदम को लोकसभा चुनाव से प्रेरित बताया है।

उन्होंने बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देने की कार्रवाई भी जबर्दस्ती सरकारी हस्तक्षेप है। इसके साथ ही यह लोकसभा आमचुनाव से पूर्व चुनाव को प्रभावित करने की नीयत वाला संकीर्ण सोच का विवादित कदम है, जिससे जनता को सावधान रहने की जरूरत है।

मायावती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की मल्कियत वाली अधिगृहित भूमि में यथा-स्थिति को बिगाडऩे का सरकारी प्रयास अनुचित व भड़काऊ भी है। घोर चुनावी स्वार्थ की राजनीति के तहत यह बीजेपी सरकार का यह नया चुनावी हथकण्डा है। उन्होंने कहा कि देश की सवा सौ करोड़ आमजनता का विश्वास खोकर इनमें बदनाम हो चुकी बीजेपी सरकार के पास अब अयोध्या व धर्म के अन्य मामलों का गलत व राजनीतिक इस्तेमाल का आखिरी हथकण्डा बाकी रह गया था जो बीजेपी अब पूरी तरह से इस्तेमाल करने में लग गई है।

मायावती ने कहा कि बीजेपी को अब यह भी लग गया है कि उत्तर प्रदेश में बसपा व सपा के गठबंधन के कारण वह केन्द्र की सत्ता में दोबारा वापस आने वाली नहीं है। इससे भी घबराकर व बौखलाहट में केन्द्र व उत्तर प्रदेश में उसकी सरकार अब वह सभी हथकण्डे इस्तेमाल करने में लग गई है जिसकी उम्मीद संविधान के आाधार पर चलने वाली किसी भी निर्वाचित सरकार से जनता कतई नहीं कर सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी-शासित असम राज्य सहित पूरे पूर्वोत्तर भारत के प्रदेशों में वहां की आमजनता काफी ज्यादा आन्दोलित है तथा सड़कों पर संघर्षरत है। वहीं बीजेपी सरकार देशद्रोही बताकर उनके संघर्ष को कुचलने का हर प्रकार से अलोकतांत्रिक प्रयास कर रही है।

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