रिफ्यूजी कैंप में पली बढ़ी फ्रेस्टा करीम जला रहीं तालीम की लौ...

 
रिफ्यूजी कैंप में पली बढ़ी फ्रेस्टा करीम जला रहीं तालीम की लौ...नई दिल्ली। ये फोटो जो आप देख रहे हैं इनका नाम है फ्रेस्टा करीम, इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में काबुल की 26 साल की ये लड़की अपने नायाब मिशन को लेकर सुर्ख़ियों में हैं।
रिफ्यूजी कैंप में पली बढ़ी फ्रेस्टा करीम जला रहीं तालीम की लौ...
फ्रेस्टा करीम पाक के एक रिफ्यूजी कैंप में पली, 2002 में काबुल लौटी, यहीं से अंडरग्रेजुएट किया, स्कॉलरशिप मिलने पर ऑक्सफोर्ड मेें पढ़ाई की, लौटकर इसी साल फरवरी में बस उन्होंने अफगानिस्तान में मोबाइल लाइब्रेरी शुरू की है।
रिफ्यूजी कैंप में पली बढ़ी फ्रेस्टा करीम जला रहीं तालीम की लौ...
काबुल के बच्चों में एक नीली बस को लेकर क्रेज बढ़ता जा रहा है, बस के आते ही बच्चे शोर मचाते हुए उसमें चढ़ जाते हैं, बस में मौजूद लोग इन बच्चों को किताबें देते हैं, काबुल की 26 साल की फ्रेस्टा करीम ने बच्चों को पढ़ने के लिए मोबाइल बस लाइब्रेरी शुरू की है, ये देश की पहली मोबाइल लाइब्रेरी है।

फ्रेस्टा करीम बताती हैं कि अफगानिस्तान में 50% से अधिक बच्चे अब भी स्कूलों से दूर हैं। बच्चियों की बात करें तो यह नंबर 85% है।
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लिटरेसी की दर सिर्फ 26% है, बच्चों में पॉजिटिव बदलाव लाने के लिए हम युवाओं ने चारमाग्ज संस्था बनाई है ! टीम के लोगों का बचपन अफगानिस्तान के लाखों बच्चों जैसा ही है, इससे पहले कि वे इसे जी पाते, वो खो गया है।

वह कहती हैं कि इसी साल फरवरी में बस लाइब्रेरी शुरू की है, उम्मीद है कि इससे बच्चे आगे बढ़ेंगे, काबुल में आतंकी हमले बढ़े हैं, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है, इसलिए बस सरकारी इमारतों व भीड़भाड़ वाले इलाकों से नहीं गुजरती।

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