इस देश में राष्ट्रपति खुद गाइड बनकर पर्यटकों को करता है सैर!

 
इस देश में राष्ट्रपति खुद गाइड बनकर पर्यटकों को करता है सैर!अगर आधिकारिक गणना की बात करें तो दुनिया भर में 195 देश है पर उप राष्ट्रों को मिला देने पर ये संख्या 300 से पार हो जाती है। दुनिया में भारत और चीन जैसे बड़े मुल्क भी है वहीँ कुछ ऐसे देश भी है जो बहुत छोटे है। और आज हम आपको एक ऐसे ही देश के बारे में बता रहे है जिसकी जनसँख्या के बारे में जानकर आप हैरान रह जायेंगे।
इस देश में राष्ट्रपति खुद गाइड बनकर पर्यटकों को करता है सैर!

संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त इस माइक्रो देश का नाम है मोलोसिया और ये अमेरिका के प्रांत नेवाडा के पास स्थित है। सबसे ख़ास बात है इस देश की कुल आबादी सिर्फ 33 लोग है जिनमे कुत्ते भी शामिल है। यानी जितने हमारे देश में एक संयुक्त परिवार कुल सदस्यों की संख्या होती है उतनी कुल आबादी भी इस देश की नहीं है। अभी बहुत से देशों की सरकारों ने इस देश को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है और इस देश ने हाल ही में अपनी स्थापना के 40 साल पूरे किये है। आईये जानते है इस देश की स्थापना कैसे हुई ?

इस देश में राष्ट्रपति खुद गाइड बनकर पर्यटकों को करता है सैर!
साल 1977 में केविन बॉघ और उनके दोस्त को मन में ख्याल आया कि एक अलग देश का निर्माण किया जाए। इसी ख़याल के बाद उन्होंने मोलोसिया नामक जगह की स्थापना की और तबसे इस देश के राष्ट्रपति केविन ही है। इस देश के नागरिकों में भी अधिकतर केविन के ही परिवार के ही लोग है और इनके पालतू कुत्ते है । आपको लग रहा होगा की ये देश है या मजाक पर आपको बता दें इस देश में अपनी कानून व्यवस्था है और खुद की वालोरा करैंसी भी है।

पर्यटक इस देश में घूमने आते है और पर्यटन ही इस देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्रोत है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को पहले यहाँ के बैंक से करेंसी बदलवानी पड़ती है और उसके बाद ही वो यहाँ कुछ खरीदारी कर सकते है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को अपने पासपोर्ट पर स्टाम्प लगवाना पड़ता है और उसके बाद वो इस देश में आराम से घूम सकते है। जिस तरह दुसरे देशों के राष्ट्रपति कड़ी सुरक्षा में रहते है ऐसा यहाँ पर कुछ नहीं है बल्कि यहाँ के राष्ट्रपति केविन अकेले ही सड़कों पर घूमते हुए मिल जाते है और आने वाले पर्यटकों को देश घुमाते है।

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