जुनूनी रेसर जेसी कॉम्स की मौत, तोड़ना चाहती थीं अपना ही रिकॉर्ड

 
जुनूनी रेसर जेसी कॉम्स की मौत, तोड़ना चाहती थीं अपना ही रिकॉर्ड
वॉशिंगटन। रेसर जेसी कॉम्ब्स रफ्तार का दूसरा नाम थीं। सबसे तेज कार चलाने की वजह से उन्हें 'फास्टेस्ट वुमन ऑन फोर व्हील्स' का खिताब दिया गया था।

मगर, रफ्तार के इस जुनून ने जेसी की जान ले ली। वह मंगलवार को ओरेगन में एक जेट-संचालित कार में अपने ही बनाए गए सबसे तेज रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश में मारी गईं।

36 वर्षीय जेसी ने साल 2013 में उत्तरी अमेरिकी ईगल सुपरसोनिक स्पीड चैलेंजर में 393 मील प्रति घंटे की रफ्तार को पार कर 48 साल के मार्क का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसके साथ ही उन्होंने फास्टेस्ट वुमन ऑन व्हील के नाम से भी पुकारा जाने लगा था। उन्होंने साल 2016 में एक और कीर्तिमान स्थापित किया, जब करीब 478 मील प्रति घंटे की रफ्तार से रेगिस्तान में कार चलाई थी।

इस बार वह उसी रेगिस्तान में अपने साल 2016 के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए कार में सवार हुई थीं। मगर, इस बार हवा से बात करती हुई कार पर वह नियंत्रण नहीं रख सकीं और उनकी मौत हो गई। जेसी ने इससे पहले अपनी स्पीड के रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश की थी।

सितंबर के एक इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने कहा कि वह 483 मील प्रति घंटे की नई शीर्ष गति पर पहुंच गई थीं। मगर, दुर्भाग्य से मलबे का एक टुकड़ा टरबाइन में फंस गया था। हालांकि, इसमें कम से कम नुकसान हुआ है, लेकिन अभी के लिए खेल खत्म हो गया है।

जेसी ने एविएटर चश्मे के साथ मुस्कुराते हुए खींची गई उस तस्वीर के कैप्शन में यह बात लिखी थी। उन्होंने लिखा था कि तेज रफ्तार की अगली कोशिश को देख रही हूं। जेसी की मौत की खबर से उनके प्रशंसकों में मातम की लहर छा गई। शेरिफ कार्यालय और ब्यूरो ऑफ लैंड मैनेजमेंट दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं।

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