इस युवती को नाखून चबाने की आदत की वजह से हुई 'दुर्लभ बीमारी'

 
इस युवती को नाखून चबाने की आदत की वजह से हुई 'दुर्लभ बीमारी'नई दिल्ली। इस लड़की की कहानी जानकर आप सिहर उठेंगे। बचपन में स्‍कूल से लेकर माता-पिता हर कोई यही सलाह देते हैं कि नाखून मत चबाओ। इस आदत के पीछे मूल रूप से नर्वसनेस यानी घबराहट होती है। 20 साल की कोर्टनी व्हिथॉर्न के साथ भी ऐसा ही है। अब वह एक दुर्लभ स्‍क‍िन कैंसर की श‍िकार है।

‘डेली मेल’ की खबर के मुताबिक, कोर्टनी को स्‍कूल में उसके साथी बहुत परेशान करते थे। घबराहट में वह नाखून चबाती थी। 2014 में उसकी हालत यह हो गई कि उसने अपने अंगूठे का पूरा नाखून ही चबा डाला था।

जबकि उसे इस गलती का अंदाजा तब हुआ, जब अंगूठे से खून आना शुरू हो गया। लेकिन मां-बाप को बताने की बजाय वह इससे भी घबरा गई। उसने अपने नाखून को छुपाना शुरू कर दिया।

कोर्टनी बाजार में मिलने वाले फेक नेल्‍स यानी डुप्‍लीकेट नाखूनों का इस्‍तेमाल करने लगी। बीते चार साल से वह ऐसा ही कर रही थी। इसके साथ ही उसकी नाखून चबाने की आदत भी जारी थी। लेकिन कोर्टनी के लिए हालात तब खराब हो गए, जब अंगूठे का नाखून काला पड़ने लगा। वह इसे भी सभी से छुपाती रही।

कोर्टनी को एक दुर्लभ स्किन कैंसर है, जिसे डॉक्‍टरी भाषा में Acral Lentiginous Subungual Melanoma के नाम से जाना जाता है।

कोर्टनी कहती हैं, ‘जब मुझे पता चला कि नाखून चबाने के कारण मुझे कैंसर हुआ, तो मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी। मैंने खुद से यह कहा कि यह मैंने खुद के साथ क्‍या कर दिया। मुझे इस पर विश्‍वास नहीं हो रहा था।’ इसी साल जुलाई महीने में कैंसर की जानकारी होने के बाद कोर्टनी की चार सर्जरी हो चुकी है।


डॉक्‍टर्स का कहना है कि कोर्टनी के अंगूठे को पूरी तरह ठीक होने में पांच साल तक का समय लग सकता है। बता दें कि Acral Lentiginous Subungual Melanoma एक दुर्लभ कैंसर का प्रकार हे, जो हथेलियों, पैर के तलवे और नाखून के अंदर की त्‍वचा में होता है। शुरुआत में यह एक धब्‍बे की नजर आता है, जो बाद में फैलता जाता और त्‍वचा को बदरंग करता जाता है। यदि यह ज्‍यादा फैल जाए तो अंग को काटना भी पड़ता है।

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