सेक्स एडिक्शन ने मेरी जिंदगी तबाह कर दी…सबकुछ बर्बाद हो गया!

 
सेक्स एडिक्शन ने मेरी जिंदगी तबाह कर दी…सबकुछ बर्बाद हो गया!सेक्स एडिक्शन ने मेरी जिंदगी तबाह कर दी…सबकुछ बर्बाद हो गया। ये कहना है ब्रिटिश महिला रेबेका बार्कर का। रेबेका ने एक न्यूज चैनल के माध्यम से अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाई। इस महिला ने बताया कि कैसे अत्याधिक सेक्स की लत ने उनका जीवन बर्बाद कर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे ये लत उनके कंट्रोल से बाहर होती गई और इसके क्या दुष्परिणाम हुए।

रेबेका ने इंटरव्यू में कहा, एक ऐसा वक्त आ गया था कि दिन में पांच बार से’क्स करने पर भी मुझे संतुष्टि नहीं मिलती थी। सुबह उठते ही मेरे मन में सबसे पहले यही बात आती थी, कितना भी कोशिश कर लो मेरे दिमाग में बस यही चलता रहता था। मैं पूरी तरह पागल हो चुकी थी। और टूट गया रिश्ता : रेबेका ने बताया कि उन्हें ये समस्या डिप्रेशन के ट्रीटमेंट के दौरान शुरू हुई थी।

2014 से वे इस समस्या से ग्रस्त थीं। शुरुआत में उनके पार्टनर को इस चीज से परेशानी नहीं थी। कुछ समय बाद जब रेबेका की से’क्स को लेकर डिमांड बढ़ती चली गई, तो उनका पार्टनर परेशान हो गया। वो उनपर शक करने लगा। उनके पार्टनर को लगा कि रेबेका का किसी और के साथ अफेयर है और वे इसे छिपाने के लिए बार-बार ऐसा कर रही हैं। अंतत: गलतफहमी में दोनों का रिश्ता टूट गया।

रेबेका ने आगे कहा, मेरा खुद पर कंट्रोल नहीं रहता था। मेरा पूरा शरीर जैसे तड़प उठता था। मुझे खुद पर शर्म आने लगी। मैं लोगों से दूर रहना चाहती थी। इसलिए मैंने घर से भी निकलना छोड़ दिया था। रेबेका अब फ्रांस में रह रही हैं और ट्रीटमेंट के जरिए से’क्स एडिक्शन से बाहर निकल चुकी हैं। उन्होंने कहा, अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव कर मैंने उस लत से छुटकारा पा लिया है। बीमारियों की लिस्ट में आएगा से’क्स एडिक्शन : से’क्स की लत जल्द ही बीमारियों की लत में शामिल की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसकी घोषणा भी कर दी है। वहीं एक सर्वे के मुताबिक ब्रिटेन में हर तीन में से एक व्यक्ति कहीं न कहीं इस बीमारी से ग्रस्त है। ज्यादातर पुरुष इस बीमारी से ग्रस्त हैं, जिनकी उम्र 26 से 35 के बीच है।

एडिक्शन यानी किसी चीज़ की लत लग जाना। बात करें अगर से’क्स एडिक्शन की तो यह एक ऐसी समस्या है, जो शारीरिक रूप से तो नहीं, लेकिन मानसिक और सामाजिक रूप से इससे पीड़ित व्यक्ति को बहुत नुक़सान पहुंचा सकती है। इससे पीड़ित व्यक्ति की कामेच्छा इतनी बढ़ जाती है कि नियंत्रण से बाहर हो जाती है। कई बार मरीज़ को इस बात का पता तक नहीं होता कि वो सेक्स एडिक्ट हो गया हैं और उन्हें ट्रीटमेंट की ज़रूरत है।

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