धधकते ज्वालामुखी में बिना किसी खौफ के उतर गई ये रोमांचक फोटोग्राफर...

 
धधकते ज्वालामुखी में बिना किसी खौफ के उतर गई ये रोमांचक फोटोग्राफर...
नई दिल्ली। कुछ लोग रोमांच के लिए हर हद पार कर देते हैं। एडवेंचर के लिए अपनी जान भी जोखिम में डाल देते हैं। कोई पहाड़ और चट्टानों पर चढ़ता है तो कोई समुद्र की गहराइयों में चला जाता है। लेकिन ये फोटोग्राफर तो सबसे अलग है।

जर्मनी की एक फोटोग्राफर उला लोमन के लिए ज्वालामुखी उनकी जिंदगी का हिस्सा हैं। 10 सालों में दुनियाभर में 10 सक्रिय ज्वालामुखी में उतरकर फोटोग्राफी कर चुकी हैं। उनका लक्ष्य ज्वालामुखी तक पहुंचना नहीं, बल्कि रस्सी के सहारे उस गहराई तक पहुंचना होता है जहां से लावा निकलता है।

जितना संभव होता है, वे लावा के पास चली जाती हैं। खतरे के बारे में पूछने पर वो यही कहती है कि यही तो सबसे दिलचस्प बात है। वहां आप पृथ्वी के हृदय के बिल्कुल करीब होते हैं, ऐसा लगता है जैसे दुनिया आपके सामने है।

एक दिन दक्षिणी प्रशांत के वानुअतु आइलैंड पर वे बेन्बो क्रेटर ज्वालामुखी तक पहुंची थीं। वे तब उसके अंदर नहीं जा पाई थीं। कुछ माह पहले वे फिर उसी जगह पहुंचीं। इस बार सुरक्षा उपकरण ज्यादा थे।

अंतत: लोमन उस जगह पहुंचीं, जहां वे जाना चाहती थीं। वे ज्वालामुखी के अंदर फुटबॉल मैदान जितनी बड़ी लावा से भरी झील देखी, जिसमें बुलबुले उठ रहे थे। वे कहती हैं पृथ्वी लगातार कांप रही है, उसमें गड़गड़ाहट हो रही है, वह चीख रही है।

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