जब बचपन में कॉन्डोम लेकर स्कूल पहुंचीं रेहाम खान

 
जब बचपन में कॉन्डोम लेकर स्कूल पहुंचीं रेहाम खान नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की एक्स वाइफ रेहाम खान किशोरावस्था में काफ़ी मुखर थीं और कॉलेज में लड़कियों के समूह को उन विषयों की जानकारी देती थीं जिनके बारे में उन्हें घर पर बिल्कुल भी नहीं बताया जाता।

रेहाम याद करती हैं, मुझे बहुत परिपक्व समझा जाता था, परिवार में भी और दोस्तों में भी. मैं वो रोल करती थी जिसको आजकल 'एगनी आंट' कहा जाता है. मैं अक्सर लड़कियों को जमा कर उनकी मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक समस्याओं पर भाषण देती थीं और वो भी बिना खिलखिलाए।

मुझे याद है कि कक्षा नौ में अपनी सहेलियों के अनुरोध पर मैं एक कॉन्डोम लेकर अपने स्कूल पहुंच गई थी. होता ये था कि मेरे पिता अफ़ग़ान शरणार्थियों के लिए मुफ़्त मेडिकल कैंप लगाया करते थे और उनकी अलमारी में कॉन्डोम के बड़े-बड़े कार्टन रखे होते है. बचपन में मुझे याद है कि हम उन्हें गुब्बारों की तरह फुलाया करते थे, बिना ये जाने कि उनका असली इस्तेमाल क्या है।

बड़ी अजीब बात है कि हमारे समाज में लड़कियों की 17-18 साल की उम्र में शादी तो कर दी जाती है, लेकिन उन्हें ये नहीं बताया जाता कि उनके साथ अब होना क्या है. उन्हें सेक्स, गर्भनिरोध या रिश्तों के बारे में कभी बताया ही नहीं जात।

मैं लोगों की नक़ल बहुत अच्छी कर लेती थी. बेनज़ीर भुट्टो का भाषण जब मैं हूबहू वैसा ही सुनाती थी तो लड़कियों का मजमा लग जाता था. जब मैंने ये बात अपनी किताब में लिखी तो मेरी बेटियों ने मेरा मज़ाक उड़ाया कि हाय अल्लाह आपने ये बातें तक किताब में लिख डालीं। 

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